संवाददाता/प्रयागराज : प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु श्री सतपाल जी महाराज त्रि-दिवसीय सद्भावना सम्मेलन में शरीक होने के लिए अर्ध कुंभ के अवसर पर प्रयाग राज पहुंचे,जहां उन्होंने 2-3 व 4 तारीख को सद्भावना सम्मेलन को संबोधित कर विशाल शोभायात्रा का नेतृत्व किया, शोभायात्रा के मेला क्षेत्र में जगह जगह साधु-संतों ने श्री महाराज जी का स्वागत और अभिनंदन किया, कुंभ मेला क्षेत्र के अंतर्गत श्री महाराज जी के शिविर में पहुंचकर पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा के साधु-संतों ने श्री महाराज जी का मंत्रोच्चारण के साथ अभिनंदन एवं स्वागत कर उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया कि उत्तराखंड सरकार ने जो प्रचुर मात्रा में गंगा का शुद्ध एवं अविरल जल टिहरी बांध तथा हरिद्वार बैराज से छोड़ा है आज उसी का फल है कि प्रयागराज में श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं प्रचुर मात्रा में स्नान हेतु जल प्राप्त हो पा रहा है|
पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा वर्तमान में उत्तराखंड सरकार में पर्यटन,सिंचाई,लघु,सिंचाई,संस्कृति, जलागम,बाढ़ नियंत्रण, एवं भारत- नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजनाएं कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज जी ने सद्भावना सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज अर्ध कुंभ के सफल संचालन एवं अत्यधिक व्यवस्थाओं के लिए उत्तराखंड की जनता एवं देश विदेश के श्रद्धालुओं की ओर से हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का धन्यवाद ज्ञापित करते हैं जिन्होंने दिव्य एवं भव्य कुंभ का सफल आयोजन किया जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा तथा उनको व्यवस्थाओं का लाभ प्राप्त हो पाया|
श्री सतपाल महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि आध्यात्मिक शक्ति से ही भारत विश्व गुरु बन सकता है उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से आज सारे साधु-संत एकत्रित होकर भारत को विश्व गुरु बनाने की ओर अग्रसर है वह बड़ी प्रसन्नता की बात है। प्रयागराज के कुंभ मेला क्षेत्र में श्री सतपाल जी महाराज के शिविर का मुख्य द्वार बद्रीनाथ शैली मे भव्य तरीके से बना हुआ था जो कि आकर्षण का केंद्र बना रहा गौरतलब है कि श्री सतपाल जी महाराज उत्तराखंड से एकमात्र ऐसे आध्यात्मिक संत हैं जिन्हें देश एवं विदेश में प्रमुख ख्याति प्राप्त है।
पूज्य श्री सतपाल जी महाराज की विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। इस शोभा यात्रा में उमड़े श्रद्धालुओं की कतार लगभग 4 किलोमीटर से भी अधिक थी। इस यात्रा में असंख्य भक्त समुदायों की लगभग 9 किमी तक लंबी कतार थी। महाराज जी की यह शोभायात्रा और सद्भावना सम्मेलन तीर्थराज प्रयाग के अर्द्ध कुंभ का एक ऐतिहासिक कार्यक्रम रहा।
































