
दक्षिणी दिल्ली:प्रदीप चौहान, दिल्ली के सबसे बड़े गैर सरकारी संगठनों में पहचानी जाने वाली दीपालय संस्था ने 28 जून, 2020 को “एक्सीलेंस इन सोशल वेलफेयर ” श्रेणी के तहत प्रतिष्ठित “विश्व मानवतावादी पुरस्कार” जीता।
यह पुरस्कार दीपालय को हाल ही में लॉकडाउन के दौरान “मिशन सलामती” के तहत कोरोना महामारी से प्रभावित गरीब, जरूरतमंदों की मदद और अन्य कोविड-राहत गतिविधियों तथा बड़े स्तर पर चलाये जा रहे डिजिटल कक्षाओं के प्रोत्साहन में सराहनीय कार्यों के लिए दिया गया।
इस पुरस्कार को विश्व मानवतावादी अभियान के रूप में गौरवपूर्ण पुरस्कार माना जाता है, जिसमे दुनिया भर में फैले 35 देशों के 1600 से अधिक नामांकन आये थे। दीपालय को पुरस्कार के रूप में एक पदक और एक प्रशस्ति पत्र प्राप्त हुआ।
लंदन में आयोजित ऑनलाइन सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि कोसोवो के पूर्व राष्ट्रपत्ति फतमीर सेजद्यु, नेपाल के पूर्व प्रधान मंत्री माधव कुमार नेपाल, नेशनल असेंबली, अंडालूसिया-स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो आई अल्तामीरानो, और डब्ल्यूएचडी के संस्थापक अध्यक्ष अब्दुल बासित सैयद की उपस्थिति में यूट्यूब पर प्रसारित किया गया था। इस गौरवपूर्ण सत्र का संचालन यूपीएफ (यूके) के महासचिव रॉबिन मार्श ने किया था।
महामारी की वजह से तालाबंदी के दौरान और बाद में, दीपालय संस्था जरूरतमंद व्यक्तियों को मुफ्त राशन वितरित करती आ रही है। जिसमे ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग, जोमेटो फीडिंग इंडिया, वेस्टर्न यूनियन, गिव इंडिया जैसे संगठनों और व्यक्तिगत दानकर्ताओं की मदद से, 12,850 परिवारों को राशन व सैनिटाइजेशन किट और 2,200 परिवारों के बैंक खातों में आर्थिक मदद पहुँचाया है । राशन वितरण का काम न केवल संस्था के कर्मचारियों द्वारा, बल्कि समुदाय के सदस्यों द्वारा भी किया गया।
संस्था, दिल्ली के शहरी झुग्गियों और हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण पिछड़े इलाकों सहित विभिन्न स्थानों में फैले 7,000 छात्रों के साथ नियमित संपर्क में हैं। अध्यापक ऑनलाइन कक्षाएं लेते है, पेरेंट्स को मेडिएटर के रूप में सम्मिलित करते हैं और पढ़ाये गए विषय को स्टूडेंट्स न भूकें, इसका विशेष ध्यान रखते हैं।
आर्थिक कमजोरी की वजह से, अधिकांश छात्रों के पास इंटरनेट की सुविधा का अभाव होने और सख्त लॉकडाउन होने के बावजूद भी इस दौरान शिक्षक अपने छात्रों को पढ़ाते रहे हैं। इससे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम भी कुछ हद तक कम हुए हैं।
दीपालय के प्रेजिडेंट वाई चैकोचैन ने कहा कि “ये पुरस्कार अंतर्राष्ट्रीय ख्याति का है और कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाया है,”
कोरोना महामारी के जोखिम को ध्यान में रखते हुए, पूरे स्टाफ को भी कोविड-19 से खुद को बचाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था। ऑनलाइन कक्षाओं में आने वाली समस्यावों का सामना करने व उन्हें हल करने में मदद करने के लिए शिक्षकों को हर हफ्ते प्रशिक्षित किया जा रहा है।
दीपालय एक 41 वर्षीय एनजीओ है जो सात केरलवासियों द्वारा दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और तेलंगाना जैसे राज्यों में संचालन के साथ स्थापित किया गया है। इसका नेतृत्व ए.जे. फिलिप को सचिव और मुख्य कार्यकारी के रूप में और जसवंत कौर को कार्यकारी निदेशक बनाया गया।
































