समिति के उत्तरपुर्वांचल में मानव धर्म प्रचार-प्रसार का स्वर्ण जयन्ती वर्ष मनायेगा

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हिम बहादुर सोनार/सिलीगुड़ी  : देश के जाने माने संस्था मानव उत्थान सेवा समिति उत्तरपुर्वांचल क्षेत्र सिलीगुड़ी केंद्र द्वारा दार्जीलिंग (पहाड़), उत्तर बंगाल, तराई , डुवर्स तथा  सिक्किम में मानव धर्म प्रचार प्रसार का पचास वर्ष पूरा होने के अवसर पर वर्षभर स्वर्ण जयन्ती के रूप में विविध कार्यक्रम के साथ मनाने जा रही है। इस अवसर पर मानव धर्म के प्रणेता सदगुरूदेव श्री सतपालजी महाराज के तस्वीर में दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ सभा का शुभारम्भ किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार समिति के उत्तरपुर्वांचल क्षेत्र के महात्मा अखिलेश बाईजी के अध्यक्षता में श्री हंसबेला आश्रम सिलीगुड़ी में विगत दो फरवरी को एक सभा में  निर्णय लिया गया। मानव उत्थान सेवा समिति उत्तर- पूर्वाञ्चल क्षेत्र के  इस वर्ष का पहली सभा में दिसंबर माह का सदभावना सम्मेलन की समीक्षा की गई। इस दौरान सभा में उक्त विषय पर पारित स्वर्ण जयन्ती के लिए वार्षिक विविध कार्यक्रम का रूपरेखा तैयार किया गया। गौरतलब है कि मानव धर्म के प्रणेता सद्गुरुदेव श्री सतपाल जी महाराज के अनुयायी द्वारा सन् १९७० में पहली बार कालिम्पोंग (दार्जीलिंग) में आत्मज्ञान का दीक्षा प्राप्त किया गया था। इस वर्ष दार्जीलिंग, तराई , डुवर्स तथा  सिक्किम में मानव धर्म प्रचार – प्रचार का पचास वर्ष पूरा होने पर समिति के उत्तरपुर्वांचल क्षेत्र के सलाहकार गिरीशचन्द्र राई ने  स्वर्ण जयन्ती वर्ष घोषणा किया। समिति के उत्तरपुर्वांचल प्रभारी महात्मा अखिलेश बाईजी के  अध्यक्षता में स्वर्ण जयन्ती समारोह समिति गठन किया गया जिसमें उपाध्यक्ष गिरीशचन्द्र राई , सचिव लक्ष्मण राई को चयन किया गया। इस अवसर पर स्वर्ण जयन्ती स्मारिका बृहत रूप में प्रकाशित किया जाएगा। स्मारिका प्रकाशन के लिए माधव बुढाथोकी तथा मेघनाथ छेत्री को  सम्पादक नियुक्त किया गया है। स्मारिका में मानव धर्म प्रचार – प्रसार का पचास वर्ष के इतिहास तथा मानव उत्थान सेवा समिति, मानव सेवा दल ने विगत पचास वर्ष में उत्तरपूर्वी विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक तथा  आध्यात्मिक विकास में दिया गया योगदान का  विश्लेषण एवं मूल्याङ्कन को प्रकाशन किया जाएगा इसकी जानकारी माधव बुढाथोकी ने दी।
समिति के उत्तरपुर्वांचल प्रचार- प्रसार विभाग को सशक्त बनाने के लिए एक सभा सिलीगुड़ी के हंसबेला आश्रम में तीन सितंबर को ग्यारह बजे महात्मा देवा बाईजी के  अध्यक्षता तथा साथ में उपस्थित महात्मा निलम्बरी बाईजी के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। इस सभा में विभाग के  दायित्वभार महात्मा देवा बाईजी, माधव बुढाथोकी (मिरिक), मेघनाथ छेत्री(सुकना), बब्बु तामांग(गंगटोक), खगेन छेत्री(सिलीगुड़ी) चाँदनी सिंह(जयगांव), हिमबहादुर सोनार,पत्रकार (सिलीगुड़ी) ने अपना विचार व्यक्त किया। प्रचार-प्रसार विभाग को सुचारू रूप से सञ्चालन करने हेतु एक उप-समिति का गठन किया गया। जिसमें सभापति माधव बुढाथोकी, उपाध्यक्ष टी. बी.बस्नेत, सचिव प्रो. मेघनाथ छेत्री कार्यालय सचिव सागर मोहरा एवं कोषाध्यक्ष बब्बु तामांग को चुना गया। इस सभा में समिति के मूल सचिव नृग लामा,मानव सेवा दल के प्रान्तपाल दीपक राई, स्वर्ण जयन्ती  समारोह समितिका सचिव लक्ष्मण राई उपस्थित थे।
सल्लाहकार समिति के सभा में महात्मा तारकेश्वरनन्दजी , महात्मा अखिलेश बाइजी,  मानव सेवा दल के राष्ट्रीय सचिव आर.बी भण्डारी, माधव बुढाथोकी, लक्ष्मण राई,  गिरीशचन्द्र राई, कर्णल डी.सी.राई, दीपक राई, भीमप्रकाश राई , भूपेन गिरी ने विगत सदभावना सम्मेलन के विभिन्न त्रुटि पर समालोचना किया गया। इस वर्ष मानव  धर्म प्रचार- प्रसार का स्वर्ण जयन्ती होने के कारण पूरे वर्ष का आध्यात्मिक र सामाजिक क्रिया- कलाप का  तालिका तैयार किया गया है।

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