एजेंसी/दिल्ली|
ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट कंपनियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) और रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयू) में अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के लिए रोजगार आरक्षित करने वाली पहली इकाई बन गई है। एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड ने तकनीकी, सामान्य प्रशासन और सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों में अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए अग्निवीरों के लिए रिक्तियों की एक सीरिज रिजर्व की है और यह अपने उद्योग भागीदारों को ऐसे सैनिकों को नियुक्त करने के लिए प्रोत्साहित भी करेगी, जिन्हें चार साल की सेवा के बाद सेवामुक्त किया जाता है।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने कहा कि तकनीकी और सामान्य प्रशासन के कम से कम 15% रिक्तियां अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगी, जिन्हें विभिन्न केंद्रों पर सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक कार्यों में कम से कम 50% पदों पर भर्ती किया जाएगा, जहां ऐसे कार्यों को आउटसोर्स किया गया है। कंपनी ने एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा कि सैन्य रणनीति, तकनीकी दक्षता, अनुशासन और त्वरित अनुकूलनशीलता में अपने कठोर, समयबद्ध प्रशिक्षण के साथ अग्निवीर भारत के बढ़ते रक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों की रीढ़ की हड्डी होंगे। जैसे-जैसे भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अपनी यात्रा जारी रखेगा, हमारे जैसे उद्योगों में अग्निवीरों का योगदान देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण होगा।
बता दें कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और रूस के एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया के बीच एक संयुक्त उद्यम है। कंपनी की स्थापना 1998 में हुई थी और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। भारत के पास 70 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि रूस के पास 30 फीसदी कंपनी की हिस्सेदारी है। साभार:प्र.सा.

































