योग और अध्यात्म ज्ञान के प्रचार से ही भारत विश्वगुरु बनेगा- सतपाल महाराज

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संवाददाता/मुरादनगर| गंगनगर स्थित श्री हंस इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रांगण में मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित गुरुपूजा महोत्सव पर अपार जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री व सुविख्यात समाजसेवी श्री सतपाल जी महाराज ने कहा कि आज मानव का मन अशांत है इसका कारण यह है कि आज समाज अध्यात्म ज्ञान को भूल गया है| इसलिए समय- समय पर महापुरुषों का इस धराधाम पर आना होता है| समय के महापुरुष समाज में अध्यात्म ज्ञान का प्रचार करते हैं तथा मानव को बाह्यमुखी से अंतर्मुखी करके उसके आत्म कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं| इसी प्रकार आज भी समाज में अध्यात्मज्ञान का प्रचार की नितांत आवश्यकता है| जब अध्यात्म-ज्ञान का प्रचार होगा तो समाज में शांति स्थापित होगी तथा अध्यात्म ज्ञान से ही भारत विश्व गुरु बनेगा|

उन्होंने कहा कि आज हम ऐसे रास्ते पर चल रहे है जहां योग को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिली है| योग का मतलब होता है चित्त वृत्तियों का निरोध करना| मन जो संसार में इधर-उधर भटक रहा है उसको नियंत्रण में करना है|यह साधन कैसे प्राप्त होगा? यह साधन तभी प्राप्त होगा जब हम ब्रह्मनिष्ठ तत्वज्ञानी सद्गुरु कि शरण में जायेंगे और उनसे याचना करेंगे, जब उनकी आत्मा प्रसन्न होगी तब वे साधना का मर्म अर्थात परम पिता परमात्मा के पावन नाम व स्वरूप का ज्ञान कराएंगे|

श्री महाराज ने अंत में कहा कि जीवन का एक एक पल बड़ा ही महत्वपूर्ण होता है ! कुछ पल सुख के और कुछ पल दुख व कष्टों की याद बनाये रखते हैं परन्तु गुरुपूजा के दिन का समय भक्तों को दुःखो से ऊपर उठना सिखाता है, जिसे हम अनुभवों से जोड़ते हैं ! हम अध्यात्म ज्ञान को जानकर क्रियात्मक कदम उठाते हुए भजन-सुमिरन करने के साथ उसका प्रचार भी करें| साथ-साथ बाहर की सफाई का भी हमें ध्यान रखना है, बाहर की सफाई के साथ हम मन की सफाई का भी ध्यान दें| जब हमारा मन साफ और निर्मल होगा तो स्वतः ही हम बाहर भी सफाई रखेंगे|

कार्यक्रम से पूर्व महाराज जी व अन्य विभूतियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया| मंच संचालन महात्मा हरिसंतोषानन्द जी ने किया|

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