
संवाददाता/नई दिल्ली, 12 नवंबर। रामलीला मैदान, नई दिल्ली में त्रिदिवसीय सद्भावना सम्मेलन के अंतिम दिवस श्री सतपाल महाराज ने भारत एवं विदेशों से हजारों की संख्या मे आए हुए जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युग में अध्यात्म की नितांत आवश्यकता है। अध्यात्म की शक्ति से ही परिवार, समाज एवं राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है, तथा देश के निर्माण में हमें अपने बच्चों को सुसंस्कृत एवं सबल बनाने की विशेष आवश्यकता है।
इसी संदर्भ में समिति की तरफ से बाल सभा का भी आयोजन किया गया । उन्होने कहा कि समिति द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए चलाए जा रहे ‘‘मिशन एजुकेशन‘‘ अभियान की भी प्रसंसा की और उन्होने कहा कि हर बालक को शिक्षित करना हम सबका परम कर्तव्य है। संपन्न परिवार वालों से निःशुल्क शिक्षा सामग्री लेकर गरीब बच्चों को देना ही मिशन एजुकेशन का लक्ष्य है, तथा भारत की सीमाओं को लांघता हुआ यह अभियान अनेक देशों में पहुंच चुका है। महाराज जी के सुपुत्र श्री विभू जी एवं श्री सुयश जी के साथ जुड़े असंख्य युवाओं के अथक प्रयास से यह सब संभव हो रहा है। जब ये बात माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को अवगत कराया तो उन्होने मिशन एजुकेशन जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य की भूरी-भूरी प्रसंसा की।
उन्होने आगे कहा कि ‘हंस जयंती‘ का पावन पर्व प्रतिवर्ष श्री हंस जी महाराज की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने संसाधनो के अभाव के बावजूद भी अपने अथक प्रयासों से जन-जन को आत्मज्ञान की ज्योति से प्रकाशित किया। इस अवसर पर संस्था द्वारा सम्मेलन में आए हुए लाखों लोगों के स्वास्थ्य लाभ के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर एवं योगाभ्यास कार्यक्रम में अपने आपको स्वस्थ रखने के प्रभावशाली तरीके सिखाए गए।
इस अवसर पर देश-विदेश से आए अनुभवी संत-महात्माओं ने अपने उद्गार व्यक्त किए। इस अवसर पर संस्था के अनेक कार्यकर्ताओं तथा गणमान्य व्यक्तियों ने श्री सतपाल जी महाराज तथा श्रीमति अमृता रावत (पूर्व कबिना मंत्री) , श्री सत्यनारायण जटिया, भाजपा सांसद का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम का मंच संचालन महात्मा हरिसंतोषानंद ने किया। प्रसिद्ध गायिका इंदिरा नायक और अनेक कलाकारों ने सुंदर और भक्तिपूर्ण भजनों द्वारा सभी भक्त समुदाय को झुमने पर मजबूर किया|
































