नक्सलबारी में भानु जयन्ती पालन
हिमबहादुर /सिलीगुड़ी : गोर्खा दुःख निवारक सम्मेलन नक्सलबारी में शनिवार को स्थानीय गोदुनिसकै प्रेक्षागृह में २०५वां भानु जयन्ती साथै गो.दु.नि.स.नक्सलबारी का स्वर्ण जयन्ती समारोह साहित्यकार जयप्रसाद शर्मा( दाहाल)के अध्यक्षता एवं सम्मेलन के संस्थापक खरसाङ का तिलक शर्मा के प्रमुख आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। समारोह के प्रथम चरण में समारोहका प्रमुख अतिथि तिलक शर्मा, विशिष्ट अतिथि प्रा. मेघनाथ छेत्री , भीमबहादुर प्रधान ने माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन किया। इसके पश्चात सभी महानुभाव ने भानु सालिग में पुष्पार्पण तथा श्रद्धा सुमन अर्पण किया। दूसरे चरण में गो.दु. नि.स. नक्सलबारी का नव निर्मित भवन का उदघाटन तिलक शर्मा ने किया।इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। समारोह को सम्बोधन करते हुए विशिष्ट अतिथि प्रा.मेघनाथ छेत्री ने नेपाली भाषा साहित्य तथा संस्कृति के जनक के रूप में भानुभक्त का योगदान के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि भानुभक्त का रामायण से सामाजिक, आध्यात्मिक, भाषिक, सांस्कृतिक विकास के साथ लोकहित में कार्य करने का शिक्षा दिया। प्रा.छेत्री ने कहा कि भानु के जैसे हमे भी सर्व लोक हित का कार्य करने का आह्वान किया।उन्होंने लगभग दश वर्षों तक नेपाली हाई स्कूल में शिक्षण कार्य का संस्मरण करते हुए उदाहरण दिया।
प्रमुख अतिथि तिलक शर्मा ने कहा कि नक्सलबारी को नेपाली भाषा- साहित्य, संस्कृति का अध्ययन केन्द्र बनाये जाने पर आह्वान किया। इसके लिए गो.दु. नि.स. नक्सलबारी तथ नेपाली हाई स्कूल नक्सलबारी अहम् भुमिका निभाने का आह्वान किया । हाम्रो जाति को भानुभक्त तोड़ना नही जोड़ना सिखाया है। श्री शर्मा ने आगे कहा कि पचास बर्ष पहले उस समय का
आवश्यक्ता को ध्यान में रखते हुए गोर्खा दुःख निवारक सम्मेलन नक्सलबारी शाखा खोल्ने का आग्रह किया था। आज पचास वर्ष पूरा करते हुए स्वर्ण जयन्ती मना रही है। शिक्षिका विद्या शर्मा द्वारा सञ्चालित समारोह में विशिष्ट अतिथि एवं नक्सलबारी नेपाली हाई स्कूल (एच.एस.)का प्रधान अध्यापक सफल थापा , सह शिक्षक सुमित खाती सहित स्कूल के वर्तमान तथा भूतपूर्व विद्यार्थीयो ने सुमधुर गीत, नृत्य , रामायण पाठ आदि प्रस्तुत किया। गो.दु. नि.स. के संस्थापक सदस्य गौरीशंकर शर्मा , कृष्णप्रसाद दाहाल,समाज सेवी गौतम घोष, चक्रबहादुर माझी, अरूण घोष, नक्सलबारी पञ्चायत प्रधान, विकास चक्रवती, कालीकुमारी छेत्री, सजनी लिम्बू, सदस्या मणिराम ग्राम पञ्चायत आदि विशेष रूप में थे। सम्मेलन का वरिष्ठ पदाधिकारी लक्ष्मीप्रसाद शिवाकोटी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। समारोह को सफल बनाने हेतु भीमबहादुर प्रधान, गोविन्द गोपाल शर्मा, शेरबहादुर छेत्री, मिनोज लामा , ध्रुव छेत्री सहित सम्मेलन के युवाओं का सक्रिय भूमिका था।अध्यक्ष के सम्बोधन में जयप्रसाद दाहाल ने विद्यार्थीयों को शिक्षा में आगे बढ़ने का आह्वान गर्दै किया। नेपाली हाई स्कूल में विज्ञान तथा वाणिज्य पठन-पाठन का व्यवस्थासम्बन्धी निकायसमक्ष आवेदन करने के लिए विद्यार्थी तथ अविभावको में पनि सचेत रहने का बात कही। भाषा, साहित्य, जाति, संस्कृति के लिए भानुभक्त ने दिया हुआ योगदान को स्मरण करते हुए सभी को प्रेरणा लेने का आह्वान किया।



































