संवाददाता/नई दिल्ली| द्रमुक पार्टी के विविध नेता सनातन धर्म नष्ट करने की बातें कर रहे हैं। सनातन धर्म पर टिप्पणी कर रहे हैं, उनका उद्देश्य नकारात्मक राजनीति करना है। अल्पसंख्यकों के मत पाने के लिए तथा सनातन धर्मीयों में हीन भावना निर्माण करने के लिए यह सब चल रहा है। सनातन धर्म नष्ट करने की बातें करने वालों को ‘सनातन धर्म’ क्या है, यह समझना चाहिए। सनातन धर्म अनादि काल से है, ऐसा प्रतिपादन भारत सरकार के गृह मंत्रालय के पूर्व अवर सचिव आर. वी. एस. मणि ने किया। हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ‘दक्षिण भारत की द्रविड राजनीति में सनातन द्वेष !’ विषय पर आयोजित विशेष संवाद में वे बोल रहे थे। इस समय हिन्दू जनजागृति समिति के देहली प्रवक्ता नरेंद्र सुर्वे ने उनसे संवाद किया।
द्रमुक पार्टी के सांसद डॉ. सेंथिल कुमार ने हाल ही में उत्तर भारत के राज्यों को ‘गोमूत्र स्टेट‘ कहा। यह वाक्य निंदनीय है, डॉ. सेंथिलकुमार को दंड देने के लिए यहां दंड संहिता नहीं है क्या? मेकॉले शिक्षा पद्धति के ये परिणाम हैं। जो सनातन धर्म पर टिप्पणी करते हैं, उन्हें बुद्धि से परिपक्व होने की आवश्यकता है। सनातन धर्म नष्ट करना अथवा उसका विभाजन करना, ऐसा कहने वाले मूर्ख तथा दुष्ट हैं। भारत में भाषा के अनुसार विभिन्न राज्यों के लोगों में फूट डालने के प्रयास किया जा रहा है। देश में राज्य और भाषा भले ही भिन्न हों, तब भी हम भारतीय हैं, यह ध्यान में रखना होगा, ऐसा भी मणि ने कहा।































