प्राचीन कला केंद्र ने मल्हार सांस्कृतिक समारोह का भव्य आयोजन किया

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संवाददाता/नई दिल्ली। प्राचीन कला केंद्र द्वारा आयोजित दिल्ली एनसीआर के सभी संगीतप्रेमियों के लिए त्रिवेणी कला संगम में मल्हार महोत्सव के अवसर पर मानसून का जश्न अमेरिका के प्रसिद्ध गायक आदित्य शर्मा द्वारा शुरू हुआ। राग मियाँ मल्हार की बिलम्बित धृत और लय घिर आयो रे बदरवा तथा तराने में आकर का सुन्दर निर्वाहन लम्बी ताने तीनो सप्तकों में सामान नियंत्रण में उनकी प्रस्तुति ने सभी दर्शकों के दिलों में एक संगीतमय वातावरण प्रस्तुत किया और मानसून के दिनों का अहसास दिलाया। विलाम्बित तिलवाड़ा में स्थापित आदित्य शर्मा ने हर तान के साथ गाया जिससे बारिश की शाम की भावना मजबूत हो गई। हारमोनियम पर चेतन निगम ने संगत किया खड़क सिंह ने तबला पर किया और कभी-कभी गायन के साथ एकमत हुए।

जुई ढिगुडे पांडे की परिपक्त और बुलंद आवाज, लम्बी सांस, आकार की लयकारी, मन्त्र, मध्य और तार सप्तक का सुन्दर प्रयोग सम पर शानदार समन्वय राग मीरा मल्हार की बंदिश बदलवा बरषन को आये तथा बिंद श्याम घनश्याम रंग छायो में दुर्जेय भौमिक के तबले सुमित मिश्रा की हारमोनियम तथा गीता बिष्ट के तानपुरे पर मुखर होकर सामने आया कार्यक्रम का अंत उन्होंने मराठी अभंग बोलावा बिट्ठल बाबा बिट्ठल के अद्भुद बिकृत स्वरों युक्त भजन से किया। बाद में कलाकारों को प्राचीन कला केंद्र के सचिव सजल कोसर द्वारा सम्मानित किया गया। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कलाकारों और संगीत प्रेमियों से पूरा सभागार भरा हुआ था। प्राचीन कला केंद्र नियमित रूप से भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य और कला के प्रचार के उद्देश्य से भारत के विभिन्न राज्यों में भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य संगीत कार्यक्रम आयोजित करता है, जिनमें से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

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