संवाददाता, कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) | कुशीनगर जिले में सरेआम ट्राली पर गन्ने ऐसे लादने का शिलशिला शुरू हुआ है मानो राहगीरों के लिए साक्षात यमदूत आ गए हो। जब छोटे वाहनों और पैदल यात्रियों के बगल से गन्ने से लदा ट्रॉली गुजरता है तो मानो मौत के मुँह में जा रहे है और जैसे ही ट्रॉली गुजर जाता है तब अपने आप को राहत की सांस लेते है जैसे यमदूत के चंगुल से छूट के आये हो।
ट्राली से गन्ने इस तरह से गिरते है कितने लोग बहुत दूर दूर से शाम जाते है। अगर चलती गाड़ी से एक भी गन्ना किसी व्यक्ति अथवा गाड़ी के ऊपर गिर जाए तो बहुत बड़ा नुकशान हो सकता है। यहां तक कि जान भी जा सकती है। हालत पस्त है और प्रशासन मस्त है। किसी को कोई परवाह नही है। ट्रक और ट्राली में अंतर नही समझ आ रहा है। ट्रैक्टर वाले ड्राइवर को आगे पीछे कुछ नही दिखाई देता है । वह अपनी दुनिया मे मस्त डेक से बहुत ऊची आवाज में गाने बजाते हुए और हेड फोन में गाने सुनते हुए गति सीमा को भी पार करते हुए ट्रैक्टर चलाता है। इसके लिए प्रशासन को कुछ उपाय करना चाहिए अन्यथा बहुत बड़ा हादसा हो सकता है।


































