संवाददाता/टटीरी मण्डी, बागपत, 09 सित0। भारत की जानी-मानी संस्था मानव उत्थान सेवा समिति की शाखा श्री हंस सत्संग भवन, रेलवे रोड अग्रवाल मण्डी, टटीरी द्वारा अग्रवाल धर्मशाला के प्रांगण में संगीतमय सात दिवसीय श्रीमद्भागवत आत्म-कथा महायज्ञ के छठवें दिन कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी ने भगवान श्री कृष्ण और रूक्मिणी का विवाह प्रसंग सुनाते हुए कहा कि श्री कृष्ण और रूक्मिणी का विवाह जीव और ब्रह्म के मिलन का प्रतिक है। किस प्रकार जीव अपने अंशी से मिलता है तथा जीव परमात्मा से मिलने के बाद ब्रह्म में विलिन हो जाता है। ठीक इसी प्रकार भगवान ने सभी गोप-गोपिकाओं को शरण देकर सबका उद्धार किया और तरह-तरह का रास रचाया। भौमासुर जैसे ंआततायी राक्षस की कैद से 16 हजार रानियों को मुक्त कराने के बाद भगवान श्री कृष्ण को उन सभी रानियों को अपनी शरण देनी पड़ी।
आध्यात्मिक गुरू श्री सतपाल जी महाराज की परम शिष्या कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी ने समस्त जनमानस को समझाते हुए कहा कि भक्त सुदामा और भगवान श्री कृष्ण की मित्रता का उदाहरण पूरी दुनिया में एक मिशाल है। अत्यंत निर्बल और गरीब भक्त सुदामा भगवान श्री कृष्ण के परम भक्त थे। हमें भी भगवान की भक्ति करके अपना जीवन सार्थक बनाना है। उस परमात्मा को अपने हृदय में जानकर उसका भजन-सुमिरण करके अपना कल्याण करना है। भक्त सुदामा और भगवान श्री कृष्ण के प्रसंग पर पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया था। भगवान श्री कृष्ण और रूक्मिणी तथा सुदामा की सुन्दर झाँकियां भी निकाली गयी। कथा से पूर्व साध्वी द्वितीया बाई जी ने भी अपने सत्संग विचार रखते हुए कहा कि हमें भी संतों और महानपुरूषों के बताये मार्ग पर चलकर अपना कल्यान करना है।
साथ ही दिल्ली से पधारें हुए भजन गायक कलाकार अमर रंगीला, दीपक कुमार, गिरिश तिवारी (कीबोर्डवादक), प्रकाश कुमार(तबलावादक)-आओ मेरी सखियां मुझे मंेहदी लगादो, मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बनादो, तेरा किसने किया श्रृंगार साँवरे, हरि का भजन कर ले री मेरी मतिया, कोई ढूँढों रे साधो, गुरू चरणों का सहारा, जैसे अनेक सुमधुर भजनों द्वारा सबको भाव-विभोर कर दिया और सबने जमके ठुमके लगाये।
कथा में आज के यजमान प्रमोद कुमार गोयल धर्मपत्नि श्रीमती विजय लक्ष्मी देवी ने कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी और सहयोगी साध्वी द्वितीया बाई, साध्वी धनिष्ठा बाई जी, सेविका सरीता बहन व भजन गायक कलाकारों का फूल-माला और श्री राधे-कृष्ण के पट्टे पहनाकर स्वागत किया।
आज के कार्यक्रम में अवधेश मित्तल, राजकुमार, भोपाल मित्तल, शारदा गोयल, जयनारायण, भारती गोयल, संतोष देवी, चमनलाल, बबलू गोयल, अतुल गोयल, सुनील, मुकेश, अनिल गोयल, अजय गोयल, प्रमोद गोयल, श्रवण, चमन, देवकुमार, रामकिशन, अनिता गोयल, रूचि गोयल, कमला देवी, केशवती, आदि उपस्थित थे। मंच संचालन धुरन्धर चैहान ने किया।
































