हाइब्रिड रॉकेट रूमी-2024 प्रक्षेपण के साक्षी बने सेंट विवेकानंद मिलेनियम स्कूल के छात्र

0
273
सुरेंद्र चौहान/पंचकूला। स्वामी विवेकानंद तकनीक तथा विज्ञान को मानवता के लिए एक शक्तिशाली उपकरण मानते थे। इसी को आधार मानते हुए सेंट विवेकानंद मिलेनियम स्कूल सदा ही छात्रों को विभिन्न प्रकार की गतिविधियों और कार्यक्रमों के माध्यम से सार्वभौमिक मूल्य और कौशलों का विकास करने के लिए प्रयासरत है। हाल ही में विद्यालय के नौ छात्रों ने एक शिक्षिका के साथ भारत के अपने पहले पुन: प्रयोग होने वाले हाइब्रिड रॉकेट मिशन रूमी-2024 के सफलतापूर्वक प्रक्षेपण के ऐतिहासिक पल में वहां उपस्थित होकर विद्यालय को एक और नई उपलब्धि से गौरवान्वित किया है। इसे तमिलनाडु स्थित स्टार्टअप स्पेस जोन इंडिया ने मार्टिन ग्रुप के साथ मिलकर शनिवार को चेन्नई के थिरुविदंदई से लांच किया गया था। उपग्रह प्रक्षेपण की बेला में सभी छात्र विस्मय, उत्सुकता, उत्साह तथा हर्ष से पूर्ण थे। छात्रों ने इस उपग्रह की कार्यविधि को जाना तथा महत्व को समझा।इस महान आयोजन को देखने के लिए भारत के विभिन्न हिस्सों से छात्र उपस्थित हुए थे। भ्रमण के दौरान छात्र बिरला प्लैनेटोरियम गए, जहां उन्होंने स्काई शो देखा जिसमें सौर मंडल, आकाश और मौसम, ग्रहण, पृथ्वी, चंद्रमा पर मनुष्य, धूमकेतु, शूटिंग उल्कापिंड, तारकीय चक्र और परिवहन गैलरी शामिल थे। छात्रों ने स्पेस ज़ोन इंडिया फैक्ट्री की एक कार्यशाला में भाग लेकर सैटेलाइट और रूमी 2 के बारे में जाना। इसी दौरान छात्रों ने चेन्नई के मनोरंजन गलियारे ई.सी.आर. का भ्रमण किया। वाटर पार्क में ड्राई राइड का आनंद लिया तथा फीनिक्स मॉल में खरीदारी की।
विद्यालय पहुंचने पर छात्रों का स्वागत पुष्प वर्षा से किया गया तथा छात्रों ने अपने अनुभव सांझा किए। कक्षा नवमी के गतिक ने बताया कि प्रक्षेपण का प्रत्यक्ष दृश्य अद्भुत था। कक्षा ग्यारहवीं की पर्ल ने कहा कि स्काई शो ने उनके मन में विज्ञान के प्रति रुचि को उत्पन्न किया है। कक्षा छठी के अभिजोत ने वाटर पार्क मैं बिताए अपने आनंद के पल साझा किए। कक्षा सातवीं की दृशिका ने स्वयं में सकारात्मक बदलाव महसूस किया है। सभी छात्रों और उनके अभिभावकों ने इस ज्ञानवर्धक तथा रोमांचक भ्रमण के लिए विद्यालय का आभार जताया।
प्राचार्य डॉक्टर पीयूष पुंज ने सभी छात्रों का विद्यालय में पुनः स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी तथा कहा कि इस प्रकार का भ्रमण उनके जीवन में नए कौशलों के विकास के अवसर पैदा करेगा। छात्र देश के भावी नेता है तथा भारत वैश्विक नेता के तौर पर उभर रहा है। जैसे-जैसे हमारा देश इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, टिकाऊ और प्रभावी संसाधनों की जरूरत और अधिक बढ़ रही है। मिशन रूमी 2024 इस जरूरत का प्रत्यक्ष जवाब है। दोबारा से इस्तेमाल में आ सकने वाला हाइब्रिड रॉकेट पेश कर, हमें न केवल अंतरिक्ष अन्वेषण के वित्तीय बोझ को कम कर रहे हैं, बल्कि इसे पर्यावरण पर भी कम असर पड़ रहा। यह मिशन भविष्य के लिए अंतरिक्ष मिशनों को अधिक सुलभ और टिकाऊ बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है।
विद्यालय द्वारा प्रत्येक वर्ष विवेकानंद एस्ट्रोनॉमी क्विज का आयोजन किया जाता है जिसमें विजेता रहे छात्रों के साथ विद्यालय के छात्र भी चेन्नई स्थित प्रक्षेपण केंद्र का भ्रमण के लिए जाते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here