कथा केवल सुनने का विषय नही है अपितु करें आत्म-सात-साध्वी दर्शनी बाई

0
748

संवाददाता/टटीरी मण्डी, बागपत, 04 सित0। देश की जानी-मानी संस्था मानव उत्थान सेवा समिति की शाखा श्री हंस सत्संग भवन, रेलवे रोड अग्रवाल मण्डी टटीरी में स्थित अग्रवाल धर्मशाला के प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत आत्म-कथा महायज्ञ के पहले दिन कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी ने कथा का महत्व समझाते हुए कहा कि कथा केवल सुनने का विषय नही है अपितु आत्म-सात करने से भगवान की प्राप्ति होती है और मनुष्य जीवन जीने की कला सिख लेता है।
कथा व्यास साध्वी जी ने ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब भक्त के जीवन में भगवान के नाम का बोध होता है तब भक्ति प्रारम्भ होती है और जीवन में वैराग्य आता है। राजा परिक्षित को जब उनसे गलती हुई तब श्रृंगी ऋषि ने श्राप दे दिया और श्रीसुकदेव मुनि ने यही कथा सुनाया था। यह बहुत सुनहरा अवसर हमें भी भगवान ने दिया है। उस परमपिता परमात्मा के सच्चे नाम को जानकर भजन-साधना करके अपना कल्याण करे और मनुष्य चोले को सार्थक बनाये।
सुप्रसिद्व समाजसेवी व आध्यात्मिक गुरू श्री सतपाल जी महाराज की परमशिष्या साध्वी दर्शनी बाई जी ने सभी भक्तों को अध्यात्म के पथगामी होने का संदेश दिया और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति रस में सबको सराबोर कर दिया। प्रातः 8 बजे से कलश यंात्रा पूरे मण्डी शहर में बड़े धूमधाम से निकाली गयी। यात्रा का शुभारम्भ कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी ने हरि झण्डी दिखा कर किया। यात्रा के दौरान और स्टेज पर साध्वी दर्शनी बाई जी और सहयोगी साध्वी द्वितीया बाई और साध्वी धनिष्ठा बाई जी व भतन गायक कलाकरों का यजमान और मुहल्ले वालों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया ।
साथ ही दिल्ली व अनेक स्थानों से पधारें हुए अनेक भजन गायक कलाकारों ने मेरी लगी श्याम संग प्रीत, दुनिया क्या जाने, सतगुरू ने जिसे चाहा, दिवाना बना डाला, और जागो दुनिया वालो, और जानो सत्यनाम, बिना नाम जाने ना होगा कल्याण, जैसे सुमधुर भजनों द्वारा सबको नाचने पर मजबूर कर दिया। मास्टर गजराज, संदीप गोयल, बबलू गोयल, अनिल गोयल, अजय गोयल, प्रमोद गोयल, मुकेश, दिनेश, श्रवण, चमन, देवकुमार, रामकिशन, गीता गोयल, रूचि गोयल, कमला देवी, केशवती, आदि उपस्थित थे। मंच संचालन धुरन्धर चैहान ने किया
कथा दिनाॅक 04 से 11 सितम्बर तक प्रतिदिन दोपहर 2 से 5 बजे तक चलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here