दिल्ली स्थित ‘स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया संगठन’ ने स्वयं बताया है कि गोवा में गत 10 वर्षोें से विद्यार्थियों के लिए ‘इस्लामिक कार्यशालाओं’ का आयोजन किया जा रहा है। इस संगठन का तुर्की देश के ‘टुगवा’ नामक आतंकवादी संगठन से संबंध है। विद्यार्थियों में कट्टर इस्लाम का प्रचार कर ‘लव जिहाद’ पर आधारित ‘द केरल स्टोरी’ जैसी फिल्मों समान ‘द गोवा स्टोरी’ तैयार की जा रही है। गोवा में अभिभावकों को ऐसी घटनाओं को सबके सामने आकर बताना चाहिए अन्यथा इस षड्यंत्र की और भी स्कूल की लड़कियां बलि चढने की संभावना है। 
गोवा के सरकार एवं पुलिस ने इस घटना की जांच कर विद्यार्थियों में जिहादी मनोवृत्ति बढाने का षड्यंत्र रोकना चाहिए। तथा कथित सेक्युलवादी, आधुनिकतावादी लोग केशव स्मृति विद्यालय की घटना पर मौन साधे हैं। यदि किसी घटना में अल्पसंख्यक पीडित होते, तो उन्होंने देशभर में हंगामा मचा दिया होता। ‘सेक्युलर’ विद्यालयों में हिंन्दुओं को अपने धर्म की शिक्षा नहीं मिलती और सेक्युलर विद्यालयों में ‘स्कूल जिहाद’ चलाया जा रहा है। उसे रोकना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन ‘गोमंतक मंदिर महासंघ’ के सचिव जयेश थली के किया। हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित किए गए ‘सेक्युलर विद्यालयों में इस्लाम का प्रचार?’ इस विशेष संवाद कार्यक्रम में वे बोल रहे थे। हिन्दू जनजागृति समिति के दिल्ली प्रवक्ता नरेंद्र सुर्वे ने उनसे संवाद साधा।
इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के दक्षिण गोवा सहमंत्री संजू कोरगावकर ने कहा, ‘गोवा के दाबोली (वास्को) के केशव स्मृति विद्यालय ने शिक्षा विभाग, विद्यालय के व्यवस्थापकीय मंडल, विद्यार्थियों के अभिभावकों को अंधेरे में रखकर विद्यालय के हिन्दू विद्यार्थियों के पास की मस्जिद में इस्लामिक कार्याशाला के लिए भेजा। ‘स्टडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया’ की सूचना पर विद्यालय के व्यवस्थापन ने यह कृति की। मस्जिद में उपस्थित मौलवी ने यह बताकर कि ‘अल्लाह ही सर्वश्रेष्ठ है और हिन्दुओं के देवी–देवता भगवान नहीं, अपितु पत्थर हैं’, विद्यार्थियों का बुद्धिभेद किया। इस विषय में हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के आंदोलन करने के पश्चात विद्यालय के प्राचार्य को सेवा से निलंबित कर दिया गया। तदुपरांत विद्यालय के व्यवस्थापन ने स्वयं को बचाने के लिए विद्यार्थियों का दुरुपयोग किया। विद्यार्थियों को रास्ते पर आंदोलन करने के लिए बाध्य किया। विद्यालय में इस्लामी आतंकवाद फैलाकर, उनका धर्मपरिवर्तन करने का यह षडयंत्र है। गोवा में वर्ष 2018 से 2023 तक, 1 हजार 753 लड़कियां लापता हैं। सरकार और प्रशासन को केशव स्मृति विद्यालय के व्यवस्थापकीय मंडल को पूर्णत: बर्खास्त कर, वहां प्रशासक नियुक्त करना चाहिए और निलंबित प्राचार्य को हमेशा के लिए पदच्युत कर देना चाहिए।’































