नई दिल्ली, संवाददाता। राजधानी दिल्ली में उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से उनके आवास पर भेंट की। भेंटवार्ता के दौरान उनसे उत्तराखंड के विभिन्न राज्य मार्गों को उच्चीकृत कर, राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने को लेकर दिए गए प्रस्तावों पर चर्चा की। 
वार्ता के दौरान महाराज ने बताया कि वर्तमान में 6 राज्य मार्गों खैरना-रानीखेत, बुआखाल-देवप्रयाग, देवप्रयाग-गजा-खाड़ी, पाण्पाण्डुखाल-नागचुलाखाल-रीखाल-बैजरो, बिहारीगढ़-रोशनाबाद, लक्ष्मणझूला-दुगड्डा-नैनीडांडा-मोहन-रानीखेत का राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित किए जाने का प्रस्ताव भारत सरकार के पास लंबित है। उक्त मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए मंत्री जी ने प्रस्ताव पर सहमति जाहिर करते हुए कहा कि उक्त सड़कों को वह भारत माला फेज-2 में लेने के पश्चात राष्ट्रीय राजमार्ग में शामिल करेंगे।
नितिन गडकरी ने भारत सरकार द्वारा नए अधिसूचित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-109K के सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण हेतु उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग को निर्माण एजेंसी के रूप में नामित किए जाने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी है। उन्होंने चारधाम सड़क परियोजना के अंतर्गत निर्मित डंपिंग जोनों को विकसित किए जाने हेतु एनओसी जारी करने के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया है कि वह राज्य के वन अधिकारियों के साथ बैठक करें और सहमति के साथ प्रस्ताव मंत्रालय को भेजें, ताकि आम नागरिकों एवं यात्रियों के उपयोग में लाए जाने हेतु मंत्रालय द्वारा कार्य कराया जा सके।
सतपाल महाराज ने राज्य के विश्व प्रसिद्ध चारधाम (श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) तक जाने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए ऋषिकेश-भानियावाला मोटर मार्ग को महत्वपूर्ण बताते हुए इसे राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने की भी बात कही। गडकरी ने उक्त प्रस्ताव पर भी अपनी सहमति दी है और हाल ही में स्वीकृत केंद्रीय सड़क एवं अवस्थापना निधि (CRIF) में 615.48 करोड़ रुपए खर्च करने के पश्चात अतिरिक्त प्रस्ताव भेजने को भी कहा। इसके अलावा उन्होंने भूमि मंजूरी मिलने के पश्चात उत्तराखंड में रोप-वे निर्माण को स्वीकृति देने पर भी सहमति व्यक्त की।

































