कार्यालय संवाददाता, 8 जुलाई ।
तंजावुर में ‘हिन्दू येल्लुचि पुरवाई’ के संस्थापक अध्यक्ष पाला संतोष कुमार (उम्र 29), 24 से 30 जून 2024 की अवधि में गोवा में हुए वैश्विक हिंदू राष्ट्र महोत्सव में सहभागी हुए थे। इस हिंदू अधिवेशन में उन्होंने तमिलनाडु में डीएमके सरकार द्वारा हिंदू मंदिरों को कैसे तोड़ा जा रहा है, इसकी जानकारी उपस्थित लोगों को दी। परिणामस्वरूप तमिलनाडु सरकार ने तत्परता से संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया; लेकिन सीधे सनातन हिंदू धर्म के उन्मूलन की बात करने वाले, सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया कहने वाले तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन, सत्ताधारी डीएमके के सांसद ए. राजा पर इतनी ही तत्परता से गिरफ्तारी की कार्रवाई क्यों नहीं की गई? ऐसा सवाल उठाते हुए हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों ने तमिलनाडु सरकार की कड़ी निंदा की है। साथ ही, सरकार की यह कार्रवाई पक्षपाती और हिंदू विरोधी होने का आरोप हिंदू संगठनों ने लगाया है।
डीएमके नेतृत्व वाले तमिलनाडु के स्टालिन सरकार ने कई मंदिर तोड़े, ऐसा मुद्दा वैश्विक हिंदू राष्ट्र महोत्सव में उठाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया इसलिए यह गिरफ्तारी की गई थी। इस मामले में फिलहाल संतोष कुमार को जमानत मिल गई है। केवल हिंदुत्वनिष्ठों की आवाज दबाने के लिए लोकतंत्र का दुरुपयोग कर इस प्रकार से अन्यायपूर्ण कार्रवाई की जा रही है। तमिलनाडु राज्य के हिंदू मक्कल कच्छी संगठन के अध्यक्ष अर्जुन संपत ने इस गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है।






























