अमित शाह ने जीएसटी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना, मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

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प्रेट्र/नई दिल्ली : ‘गब्बर सिंह टैक्स’ से लेकर तीन तलाक विधेयक के ‘‘विरोध’’ को लेकर कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए आज भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ‘‘वंशवाद, जातिवाद एवं तुष्टिकरण’’ नासूर को प्रश्रय नहीं देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत केन्द्र सरकार की एक बड़ी उपलब्धि बताया और दावा किया कि जीएसटी से छोटे और मझोले व्यापारी मजबूत होंगे। शाह ने राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव को पेश करते हुए यह बात कही। उन्होंने उच्च सदन में अपने पहले भाषण में उन तमाम योजनाओं और पहलों को विशेष तौर पर उल्लेख किया जिनके बारे में पिछले 70 साल में कुछ नहीं किया गया या बहुत कम प्रयास किये गये।

शाह ने एक कुशल राजनीतिक वक्ता के रूप में जहां विपक्ष और कांग्रेस नीत पुरानी सरकारों पर तीखे कटाक्ष और प्रहार किये वहीं अंत्योदय योजना, जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वच्छता एवं शौचालय निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने, सौभाग्य योजना, बीमा योजना सहित मोदी सरकार की तमाम योजनाओं की फेरिस्त गिनाते हुए उनकी आलोचनाओं का सटीक जवाब दिया। वहीं शाह ने विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के पकौड़े बेचने वाले का मजाक उड़ाने की तीखी आलोचना करते हुये कहा ‘‘पकौड़े बनाना शर्म की बात नहीं, उनकी तुलना भिखारी से करना शर्म की बात है।’’ उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने एक साक्षात्कर में कहा था कि पकौड़े बेचने वाले को बेरोजगार नहीं कहा जा सकता है। विपक्ष ने उनके इस बयान का मखौल उड़ाया था। जीएसटी को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ बताये जाने की तीखी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि देश में सभी राज्यों की सहमति से लगाये गये इस कर को डकैती कहना कहां तक सही है?

उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से आने वाला धन शहीदों की विधवाओं को पेंशन, सैनिकों के वेतन और उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न जनहित योजना में लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी से न केवल देश की अर्थव्यवस्था बेहतर होगी बल्कि छोटे एवं मझौले कारोबारी भी मजबूत होंगे। जनधन बैंक खातों की योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आजादी के 70 साल तक तक 60 प्रतिशत आबादी बैंक खातों से वंचित थी। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से 37 करोड़ खाते खोले गये। उन्होंने कहा कि शुरू में इसकी यह कहकर आलोचना की गयी कि शून्य धनराशि वाले बैंक खाते खोलने से क्या होगा। शाह ने कहा कि इन खातों में आज लोगों ने 73 हजार करोड़ रूपये जमा करवा रखे हैं।

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