कोरोना के 376 नए मामले, मरीजों की संख्या में वृद्धि संक्रमण की राष्ट्रीय तस्वीर नहीं: सरकार

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एजेंसी/नई दिल्ली| स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण के 376 नये मामलों की पुष्टि होने की जानकारी देते हुये बुधवार को बताया कि कोविड-19 के मामलों में वृद्धि राष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण फैलने की दर नहीं दर्शाती, लेकिन इस बढ़ोतरी में निजामुद्दीन (पश्चिम) में हुआ एक आयोजन प्रमुख वजह रहा।  उल्लेखनीय है कि दिल्ली स्थित निजामुद्दीन इलाके में एक से 15 मार्च तक हुये तबलीगी जमात के एक आयोजन में हिस्सा लेने वालों में से कई लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 376 नये मामले सामने आये और इससे तीन लोगों की मौत हुयी है। इसके साथ ही देश में संक्रमित मरीजों की संख्या 1637 हो गयी है, जबकि इस वायरस से मौत का आंकड़ा 38 हो गया है। इस दौरान 132 संक्रमित मरीजों को इलाज के बाद स्वस्थ्य होने पर अस्पताल से छुट्टी मिल गयी है। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने नियमित संवाददाता सम्मेलन में बताया था कि पिछले 24 घंटे में संक्रमण के मामलों में 386 की वृद्धि हुयी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा, संक्रमण के फैलने की राष्ट्रीय तस्वीर को नहीं दर्शाता है, बल्कि दिल्ली में हुये  तबलीगी जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लेने वालों में संक्रमण की पुष्टि होने के कारण ये मामले बढ़े हैं।

अग्रवाल ने कहा कि लॉकडाउन के पालन में विफलता के फलस्वरूप संक्रमण के मामलों में इजाफा होना तय है। इसके मद्देनजर उन्होंने देशवासियों से 21 दिन के लॉकडाउन का हर हाल में पालन करने की अपील की। अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न राज्यों में संक्रमण के 154 नये मामले उन लोगों के हैं जो तबलीगी जमात के आयोजन में हिस्सा लेने वालों के संपर्क में आये थे। इनमें जम्मू कश्मीर में 23, तेलंगाना में 20, दिल्ली में 18, तमिलनाडु में 65, आंध्र प्रदेश में 17, अंडमान निकोबार में नौ और पुदुचेरी में दो मामले शामिल हैं। अग्रवाल ने बताया कि केबिनेट सचिव की अध्यक्षता में बुधवार को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ हुयी वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक में राज्यों के स्तर पर संक्रमण को रोकने के लिये किये जा रहे प्रयासों एवं लॉकडाउन का पालन सुनिश्चित करने के उपायों की समीक्षा की गयी। उन्होंने कहा कि राज्यों से संक्रमित पाए गए लोगों के संपर्क में आने वालों की पहचान कर उन सभी को परीक्षण प्रक्रिया में शामिल करने को कहा गया है। साथ ही राज्यों को संक्रमित लोगों के संपर्क में आये व्यक्तियों की जांच सुनिश्चित करने के लिये गहन अभियान चलाने और संक्रमण की रोकथाम के लिये तय की गयी रणनीति पर सजगता से काम करने का निर्देश दिया गया है। अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली में तबलीगी जमात के आयोजन से जुड़े लोगों और उनके संपर्क में आये लगभग 1800 लोगों को नौ अलग अलग पृथक केन्द्रों और अस्पतालों में पृथक रखा गया है।

उन्होंने बताया कि बैठक में प्रवासी मजदूरों को संक्रमण के खतरे से बचाने के लिये पृथक रखने और उनकी सहायता के लिये शुरु किये गये कार्यों को पूरा करने के प्रयासों की भी समीक्षा की गयी।  अग्रवाल ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने और संक्रमित मरीजों का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने में विभिन्न मंत्रालय भी सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रेल मंत्रालय ने संदिग्ध मरीजों को पृथक रखने के लिये रेलगाड़ियों के डिब्बों को विशेष रूप से तैयार किया है। इसके लिये रेल मंत्रालय द्वारा 5,000 रेल डिब्बों में जरूरी बदलाव शुरु कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि रेल महकमा लगभग 20 हजार रेल डिब्बों में बदलाव कर 3.2 लाख ‘पृथक बिस्तर’ का इंतजाम करेगा। अग्रवाल ने बताया कि नागर विमानन मंत्रालय ने भी कोरोना वायरस के परीक्षण की किट, दवायें, मास्क और अन्य जरूरी सामग्री की ढुलाई के लिये ‘लाइफलाइन फ्लाइट’ शुरु की हैं।  संवाददाता सम्मेलन में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के रमन आर गंगाखेड़कर ने बताया कि देश भर में कार्यरत आईसीएमआर की प्रयोगशालाओं में पिछले 24 घंटों में 4562 परीक्षण किये गये। उन्होंने कहा कि देश में अब तक 47,951 परीक्षण किये जा चुके हैं। गंगाखेड़कर ने कहा कि इसके साथ ही देश में परीक्षण का स्तर कुल क्षमता का 38 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने बताया कि आईसीएमआर की कार्यरत प्रयोगशालाओं की संख्या बुधवार को बढ़कर 126 और संस्थान द्वारा मान्यता प्राप्त निजी प्रयोगशालाओं की संख्या 49 से बढ़कर 51 हो गयी है।

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