बब्बू तामांग/गंगटोक(सिक्किम)। सिक्किम राज्य के एक लोकसभा और बत्तीस विधानसभा सीट के लिए ग्यारह अप्रैल को मतदान होने जा रहे है। राष्ट्रिय पार्टी काँग्रेस, भाजपा सहित क्षेत्रीय पार्टी और कई निर्दलीय उम्मेद्वार चुनावी मैदान में है। इन मे से दो क्षेत्रीय पार्टी सत्तारूढ़ सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रण्ट और विपक्ष सिक्किम क्रान्तिकारी मोर्चा के बीच सीधे टक्कर होगा। दोनो पार्टीयां राज्य के चारो जिलों में ताबड़तोड़ चुनाव रेलियां कर रहे है। सत्तारूढ़ पार्टी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रण्ट और इस के अध्यक्ष पवन चामलिंग ने जो सुबे का मुख्यमंत्री भी है अपने चुनावी जनसभाओं को विजय संकल्प यात्रा नाम दिया है। पच्चीस वर्ष से लगातार मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की बागडोर सम्हाले हुए पवन चामलिंग इसबार भी विधानसभा की सभी बत्तीस सीट जीतकर सरकार गठन करने के लिए विश्वस्त है। चामलिंग अपने घोषणा पत्र में अगर जनता ने पुन सरकार में भेजा तो राज्य में युनिवर्सल बेसिक इनकम लागु करने का घोषणा किया है। इस योजना के तहत सिक्किम के प्रत्येक नागरिक को सरकार प्रति महिना न्युनतम इनकम मुहैया कराएगा। इसी तरह अगले सरकार में विश्वविद्यालय तक शिक्षा निशुल्क, एक व्यक्ति एक पेशा योजना का आराम्भ, श्रमिको का दैनिक मजदुरी चार सौ रुपये, भूमिगत शपिङ प्लाजा और बजारों का निर्माण, कृषको को वार्षिक एक लाख सहयोग राशि, सिक्किमको रेल मार्ग से जोड़ने आदि लुभावनी घोषणा किया है। चामलिंग के पच्चीस वर्ष के दौरान सरकार ने स्वर्ण युग बताते हुए चन्द्रगुप्त मौर्य के शासन काल से तुलना की है। एक बार पुन सरकार बनाने का अवसर देने का आह्वान करते हुए चामलिंग ने चुनाव से पहले एक परिवार एक नौकरी योजना तहत नियुक्त हुए इक्कीस हज़ार सात सौ अस्थायी कर्मचारीयों को पाँच साल के अन्दर स्थायी करने का घोषणा की है। चुनावी रेलीयों के क्रम में अपने भाषणो में चामलिंग ने विपक्षीयों को आड़े हात लेते हुए गलत हातों मे सरकार न देने का जनता से अपिल की है। श्री चामलिंग ने अपने भाषणों मे कहा है कि सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रण्ट पार्टी को जीत दिलाकर जनता को अपनी आशा आकांक्षा और भविष्य को जिताना होगा। सभी विधानसभा सींटो पर जीत हासिल करने के लिए दिन रात परिश्रम कर रहा है। चामलिंग ने आगे कहा कि आगामी सरकार में राजनितिक पार्टीयों की ओर से चंदा वसुली और पर्सेन्टेज पर प्रतिबंध लगाने के लिए कठोर कानुन बनाकर विश्व को ही भ्रष्टचार के खिलाफ कड़ा संदेश देना चाहता है। इस के साथ ही उन्होनें राज्य को बेरोजगार मुक्त सिक्किम निर्माण करने का घोषणा की है। मुख्यमंत्री पवन चामलिंग देश के सब से लम्बे मुख्यमंत्री के रूप रहे है. वे पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके है तो सात बार विधायक रहे है।


































