लखनऊ। योगी सरकार ने कुआं, नदी, झील, तालाब, पोखर, नहर, नाला, गड्ढा या पानी में डूब कर होने वाली मौतों को राज्य आपदा घोषित किया है। इन मौतों पर भी अब पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
यूपी में इसके पहले बेमौसम भारी बारिश, अतिवृष्टि, आकाशीय बिजली, आंधी तूफान, लू-प्रकोप, नाव दुर्घटना, सर्पदंश, सीवर सफाई, गैस रिसाव, बोरबेल में गिरने से होने वाली मौत को राज्य आपदा घोषित किया गया था। अपर मुख्य सचिव राजस्व ने इस संबंध में प्रदेश के सभी डीएम को निर्देश भेजते हुए कहा गया है कि राज्य आपदा में शामिल होने वाली आपदाओं से मौत होने पर निर्धारित मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था है। इसी तरह डूब कर होने वाली मौतों पर भी आपदा श्रेणी में होंगी।
अधिसूचना में कहा गया है कि किसी भी आपदा से जनहानि की दशा में एसडीएम द्वारा पुष्टि के बाद ही राहत राशि का भुगतान करने की व्यवस्था है, जिससे आपदा राहत राशि का दुरुपयोग न होने पाए। डूबकर होने वाली मौतों पर एसडीएम स्थलीय परीक्षण करेगा। उसकी पुष्टि के बाद ही मुआवजा दिया जाएगा। आपदा या दुर्घटनावश डूबकर होने वाली मृत्यु और स्वेच्छा से डूबकर होने वाली मृत्यु में अंतर का अंमित फैसला डीएम का होगा। किसी व्यक्ति की मृत्यु, आत्महत्या या अन्य आपराधिक मामलों के फलस्वरूप होती है, तो ऐसी दशा में मृतक आश्रित को कोई सहायता राशि नहीं दी जाएगी। उक्त घोषित राज्य आपदा के संबंध में होने वाला खर्च स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड से व्यय किया जाएगा। साभार: संजीव वर्मा(कृषि विभाग)

































