संवाददाता/नई दिल्ली|
दीपालय एनजीओ के संजय कॉलोनी ब्रांच में, खेल के माध्यम से स्लम युवाओं के विकास के उद्देश्य से “स्लम बास्केटबॉल प्रोग्राम” नामक प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया गया। दीपालय के सहयोगी, ड्रिबल अकैडमी फाउंडेशन के फाउंडर मिस्टर प्रद्योत वॉलेटी और वाइस प्रेसिडेंट मिस्टर रुद्र श्रीराम ने रिबन काटकर प्रोजेक्ट की शुरुआत की।
इस मौके पर दीपालय के सेक्रेटरी एंड चीफ एग्जीक्यूटिव डॉक्टर जॉर्ज जॉन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिस्टर लोलक बेबी, मिस्टर जॉन, मिस्टर कुरियन, मिस्टर पी पी शाज़ू, डीएलसी इंचार्ज मिस तनुश्री और प्रदीप चौहान के अलावा अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह में आने वाले सभी मेहमानों को बच्चों द्वारा तिलक लगाकर स्वागत किया गया। रिबन कटिंग के बाद फ्रेंडली बास्केटबॉल मैच का आयोजन किया गया। ड्रिबल अकैडमी से आए बच्चों और स्टाफ के बीच में खेला गया ये मैच काफी रोमांचक रहा। मैच में मिस्टर प्रद्योत वॉलेटी और मिस्टर लोलक बेबी ने भी भाग लिया। प्लेयर्स ने बहुत अच्छे खेल भावना का परिचय दिया। ऑडियंस ने हर बास्केट के बाद जोरदार तालियां बजाकर प्लेयर्स का हौसला बढ़ाया। प्रोग्राम के एंकर मिस्टर विपिन और शैली ने अच्छी कॉमेंट्री के द्वारा खेल में रोमांच बढ़ाया।
स्वागत भाषण के दौरान मिस तनुश्री ने सभी मेहमानों का स्वागत किया और उन्हें ट्री पॉट दिया गया। संस्था के बच्चों ने रैप सॉन्ग और अलग-अलग डांस परफॉर्मेंस के माध्यम से सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। समारोह मे उपस्थित 100 से ज्यादा बच्चों ने, कार्यक्रम पसंद किया और तालियों से हौसला अफ़ज़ाई किया। बच्चों के अभिभावकों ने उपस्थित होकर सभी बच्चों का हौसला बढ़ाया।
कार्यक्रम में आये बच्चों ने वॉल पेंटिंग के जरिए अपनी क्रिएटिविटी दिखाई। फीडबैक बोर्ड पर अपनी लर्निंग, एक्सपेक्टेशन और सलाह लिखकर, अपनी उपस्थिति दर्ज की। वहीं युथ क्लब के युवावों ने अलग अलग ड्यूटी देकर पूरे प्रोग्राम में डिसिप्लिन बनाये रखा।
मिस्टर प्रद्योत वोलेटी और मिस्टर रुद्र श्रीराम ने अपनी बात रखते हुए इस प्रोजेक्ट के उद्देश्य, आवश्यकता और महत्व को समझाया। दीपालय के साथ हुए इस साझा शुरुआत के लिए उन्होंने खुशी जाहिर की।

डॉक्टर जॉर्ज जॉन (सेक्रेटरी और चीफ एग्जीक्यूटिव- दीपालय) ने स्लम बास्केटबॉल प्रोग्राम के लिए सबको बधाई दी। मिस्टर प्रद्योत वोलेटी को आग्रह किया कि वह दीपालय के दिल्ली, हरियाणा, पंजाब व अन्य राज्यों में चल रहे सेंटरों पर भी आएं और ज्यादा से ज्यादा बास्केटबॉल कोर्ट लगाएं।
मिस्टर लोलक बेबी (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर-दीपालय) ने सभी को संबोधित करते हुए, बच्चों के शाम 3 से 7 बजे के समय के सही उपयोग की आवश्यकता को समझाया। उन्होंने कहा कि अगर यह समय बच्चे फिजिकल खेलों में लगाएंगे तो उनके पास अन्य भटकाव के लिए समय नहीं बचेगा। बेड पर जाते ही नींद आ जाएगी। अच्छी नींद से अच्छी सेहत बनेगी और पढ़ाई व अन्य कामों में अपना सर्वश्रेष्ठ दे पाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल की लत सबसे बड़ी लत है।
स्लम बास्केटबॉल प्रोजेक्ट का उद्देश्य है कि स्लम के बच्चों के समय का सही उपयोग हो। हर तरह के नशे से उन्हें दूर रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ज्यादा से ज्यादा कॉलोनियों के लिए बास्केटबॉल कोर्ट लगाने पर काम करेंगे।

इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले प्रदीप चौहान ने बताया कि झुग्गी बस्तियों में इस तरह की खेल परियोजनाओं की बहुत जरूरत है। बहुत से बच्चे अलग-अलग नशे के आदी हो रहे हैं क्योंकि उनके पास खेल का एडिक्शन नहीं है। किशोरों के पास गिल्ली बल्ला और क्रिकेट के अलावा अन्य खेल विकल्प नहीं है। खेलने के लिए जगह नहीं है। उनका मार्गदर्शन करने के लिए कोच नहीं हैं। उनके पास खेल से अपना करियर बनाने का अवसर नहीं है। इस प्रोजेक्ट से बच्चों को वो अवसर मिलेगा।































