संवाददाता/समउर बाजार,कुशीनगर। ग्राम विकास समिति बिहार खुर्द (बंगला) पंचायत भवन में 7 दिवसिय संगीतमय श्रीमद् भागवत आत्म कथा महायज्ञ का आयोजन बड़े पैमाने पर किया गया है। बिहार खुर्द के श्री दुर्गा माता मंदिर के प्रांगण से प्रातः 9 बजे से भव्य कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत आत्म कथा महायज्ञ प्रारम्भ किया गया| कुशीनगर जिला के प्रभारी महात्मा अनुरागानंद जी और तमकुहीराज ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ वशिष्ठ कुमार राय(गुड्डू राय) ने भगवा झंडी दिखा कर यात्रा का शुभारम्भ किया| 
यात्रा बिहार बुजुर्ग, कटहरी बाग, रगड़गंज, शिव सरया, तमकुहीराज से होते हुए प्रसिद्ध स्थल शिवा घाट पर सैकड़ों वाहनों द्वारा पंहुचा| घाट पर वृन्दावन धाम से पधारे आचार्य मनीष भारद्वाज और आचार्य प्रिंस मिश्रा ने विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ पूजन कराया और कलश में जल भरने के उपरांत तमकुहीराज, पिपरा बघेल होते हुए समउर बाजार पहुंचे| जहाँ वाहनों से उतर कर समस्त भक्तगण और सैकड़ों की संख्या में सिर पर कलश से सुशोभित माताओं-बहनों ने पुरे समउर बाजार से होते हुए कथा स्थल बिहार खुर्द पंचायत भवन के प्रांगण में यात्रा का समापन किया गया| यह कलश यात्रा कुछ समय बाद कथा के रूप में परिवर्तित हो गया| 
कथा के प्रथम दिन वृन्दावन धाम से पधारे कथा वाचक पंडित बाल व्यास संतोष भारद्वाज जी महाराज ने जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि कथा केवल सुनने का विषय नही है अपितु इसे जीवन में धारण करना पड़ता है,अमल करना पड़ता है।जिस प्रकार औषधि खाने के उपरांत ही उसके गुण अवगुण का पता चलता है, ठीक उसी प्रकार भगवान की भक्ति जीवन में प्रेक्टिकल करना पड़ेगा तभी इसका लाभ प्राप्त होगा।हम सभी केवल भगवान को मानते है लेकिन महापुरुषों की बातों को नहीं मानते है। 
कथा के आरंभ में प्रसिद्ध समाजसेवी और आध्यात्मिक गुरु श्री सतपाल जी महाराज के अनुयायी और कुशीनगर जिला के प्रभारी महात्मा अनुरागानंद जी ने अपने विचारों से कथा में सैकड़ों भक्तों को लाभान्वित किया।
कथा में परीक्षित ललन चौहान और धर्मपत्नी राबड़ी देवी और मुख्य यजमान व्यास खरवार ने व्यास मंच पर आसीन पूज्य व्यास जी सहित सभी गायक कलाकारों का फूल-मालाओं और पटके द्वारा स्वागत किया। 
ग्रामप्रधान आलोक(दीपक) सिंह, प्रिंस खरवार (बिडिसी), श्रीराम खरवार, गम्हा मास्टर राव, अनिरुद्ध सिंह, संजय शर्मा, कपिलदेव खरवार, अभिनेता गायक धर्मेन्द्र खरवार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आरती पूजन के साथ कार्यक्रम को विश्राम किया गया। मंच संचालन धुरन्धर चौहान ने किया। 
































