संवाददाता/नई दिल्ली। शनिवार को बालाजी रामलीला कमेटी पंजीकृत की ओर से आयोजित की जाने वाली रामलीला में भगवान राम और सुग्रीव जी के मंत्रणा के बाद माता सीता की खोज के लिए जाने से पहले बाली और सुग्रीव जी की लड़ाई के साथ ही भगवान राम को यह जानकारी देना कि देवों के देव महादेव से बाली को क्या वरदान है कि वह जिससे भी युद्ध करेगा उसका आधा बल उसके अंदर समा जाएगा, जिसके पश्चात अधर्म का नाश करने के लिए भगवान श्रीराम ने बाली का वध कर दिया। तत्पश्चात अंगद का भगवान राम की शरण में आना, जिसके बाद रामा दल का किष्किंधा की ओर जाना, जामवंत जी द्वारा हनुमान जी को उनकी शक्तियों की याद दिलाना।
हनुमान जी द्वारा सो योजन पारकर लंका जाना, माता सीता की लंका में खोज करने की लीला के साथ ही अशोक वाटिका में पहुंचकर माता सीता का कुशल क्षेम पूछना। साथ ही भगवान राम के द्वारा दी गई अंगूठी भी देना, जिससे माता सीता को यह यकीन हुआ कि यह वास्तव में उनके प्रभु राम के ही दूत हैं, जिसके बाद हनुमान जी द्वारा अशोक वाटिका से फल तोड़कर खाना, राक्षसों से युद्ध करना, जिसके पश्चात मेघनाथ द्वारा हनुमान जी को बंदी बनाकर लंका में रावण के सामने पेश करना और उनकी पूंछ में आग लगाने की लीला का मंचन हुआ। जिसके बाद मैदान में बनाई गई लंका जिसको लीला कमेटी ने पाकिस्तान का नाम दिया साथ ही पाक अधिकृत कश्मीर का भी एक प्रारूप बनाया जिसको भारत में विलय कर दिया। पाकिस्तान रूपी लंका के जलने के तुरंत बाद पाक अधिकृत कश्मीर में लाइटिंग के साथ ही भारत का तिरंगा झंडा लहराने लगा।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक एवं मुख्य संरक्षक ओम प्रकाश शर्मा, चेयरमैन सीए दिनेश गुप्ता, वाइस चेयरमैन अशोक अग्रवाल, प्रधान भगवत रोहतगी, महामंत्री यतेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष अनिल बंसल, मीडिया प्रभारी राजकुमार भाटी, निकेश गुप्ता, चंद्रकांत अरोड़ा, विपिन कपूर, वीरेंद्र जरियाल, मुकेश अग्रवाल आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।































