मानव धर्म का स्वर्ण जयंती वर्ष मिरिक क्षेत्रो मे तहसीलव्यापी सत्संग कार्यक्रम

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हिम बहादुर/सिलीगुड़ी। मानव धर्म प्रचार­-प्रसारका दार्जिलिंग पहाड़, सिलीगुड़ी, तराई, डुवर्स, सिक्किम, जलपाईगुड़ी  तथा भूटान  मे  50वां वर्ष पूरा होने पर  मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा उपरोक्त क्षेत्रो मे व्यापकरुप से  आध्यात्मिक कार्यक्रम संचालन किया जा रहा है। माउसेस मिरिक तहसिल अन्तर्गत विभिन्न शाखाओ मे विगत ग्यारह  मार्च से नियमित रुप मे  आध्यात्मिक कार्यक्रम रफ्तार से बढ़ रहा है। मिरिक तहसिल अध्यक्ष महात्मा देविका बाईजी के सक्रीयता मे स्वर्ण जयन्ती बर्ष का पहले चरण का कार्यक्रम इस बीच ग्यारह मार्च को तामसाङ मे भव्य रुप मे सम्पन्न हुआ। इसकी जानकारी समिति के सूचना तथा प्रचार सचिव माधव बुढ़ाथोकी ने दी।

श्री बुढ़ाथोकी ने आगे बताया कि इसी तरह मिम मे तेरह तारीख को पेम्बोङ शाखा के आयोजन मे  लिङ्गिया चाय कमान भट्टीधुरा, चौदह तारीख नागरी गढ़ी मन्दिर, पंद्रह मार्च का दिन धजिया बस्ती , सोलह तारीख ताम्कुले सत्रह को चामोङ मझुवा गाँव, अठारह को गोपालधारा पासाङ गांव, तत्पश्चात उन्नीस को लोवर सियोक मे आध्यात्मिक सत्संग कार्यक्रम हुआ । मानव धर्म प्रचार का 50वां  बर्ष पुरा होने के अवसर पर समिति के वक्ताओ ने सद्गुरुदेव सतपाल जी महाराज एव जगतजननी श्री माता जी ने इस क्षेत्र के विभिन्न स्थानो मे  भ्रमण कर आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचार किया। इस ज्ञान का प्रचार से विभिन्न क्षेत्र मे जनमानस मे व्यापक रुप से आध्यात्मिक ज्ञान का अवसर प्रदान किया गया था। मानव जीवन पाकर जीवन का लक्ष्य प्राप्ती आत्माज्ञान का साधना करते हुये जीवन का कल्याण का सन्देश जनमानस तक पाहुचाना मानव समाज मे परिवर्तन लाना तथा मानव उत्थान सेवा समिति के लक्ष्य है। इन्ही विचारो को आगे बढ़ाते हुये वक्ताओ ने उपरोक्त क्षेत्र मे वास्तविक शान्ति, आत्मज्ञान का साधना  से केवल मात्र सम्भव है तथा सतपाल जी महाराज नागरिक अधिकारओ को इस क्षेत्र मे सन 1985 मे निकाला गया जन जागरण पदयात्रा चर्चा  का विषय था।

माधव बुढ़ाथोकी ने बताया कि जब श्री महाराज ने नेपाली भाषा को संविधान का आठौँ अनुसूची मे मान्यता दिलाने अखिल भारतीय नेपाली भाषा समिति ने किया हुआ संघर्ष को सफल बनाने पदयात्रा करते हुये सरकार को गोर्खाओ को विदेशी कहना सर्वथा अनुचित है, जिसने राष्ट्र का निर्माण मे अपना  जीवन बलिदान दिया है। इसलिए उनके भाषा को विदेशी कहना सर्वथा अनुचित है और नेपाली भाषा ने भारतीय संविधान के आठौँ अनुसूची मे मान्यता हासिल किया। मानव धर्म प्रचार का पचास बर्ष पूर्ण होने के अवसर मे मानव उत्थान सेवा समिति ने समाज मे सामाजिक कार्य पर चर्च किया गया था। मिरिक तहसिल के धारावाहिक कार्यक्रम पहला चरण मे आगामी दो अप्रैल तक चलने की जानकारी महात्मा देविका बाईजी तथा तहसिल सचिव रोहित प्रधान ने संयुक्त रुप मे प्राप्त हुआ । समिति ने जनताओ के अनुरोध पर नये  स्थानो मे आध्यात्मिक कार्यक्रम किया जा रहा है । मिरिक क्षेत्र मे  प्रचाररत महात्मा देविका बाई, महात्मा विशाखा बाई , महात्मा ल्हमू बाई को प्रचार प्रसार का सहयोग के लिए समिति के मिरिक तहसिल के कार्यकर्ताओ, मानव सेवा दल, युवा संगठन तथा कलाकार मञ्च के कार्यकर्ता ने भरपूर  सहयोग दे रहे है।

 

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