*महापुरुषों के बताएं गए मार्ग का अनुशरण ही सबके लिए कल्याणकारी -संतोष भारद्वाज*

0
399

*संवाददाता/टमकोली,गभाना,23मई।*  ग़भाना के ग्राम टमकोली में चल रहे सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा महायज्ञ के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित संतोष भारद्वाज ने पांडाल में उपस्थित भक्त समुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि सबको अपने कर्मो का फल मिलता है, यह विधि का विधान है। भगवान तो केवल लकीरे देता है, रंग तो खुद उसमे भरना पड़ता है। अर्थात मनुष्य को केवल कर्म करने का अधिकार है, फल तो भगवान के हाथ में है।

श्रीमद्भगवत कथा के दूसरे दिन धुंधकारी की कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि धुंधकारी और गोकर्ण दो भाई थे लेकिन संगति की वजह से दोनों की अलग-अलग गति हुई। साथ ही राजा परीक्षित के जन्म और उनके उद्धार के बारे बताया कि ज़ब कलिकाल का प्रभाव पड़ा तो राजा परीक्षित ने कुकृत्य किया और उसका परिणाम कितना भयावह हुआ यह सब आपके सामने शास्त्रों में प्रमाण है। अनीति और अधर्म का मार्ग कितना दुःखकारी और विनाशक होता है, यह सब जानते है। हमारे शास्त्रों और ऋषि-मुनियों ने जो मार्ग बताया उसका हम अमल नहीं करते और नाही उसका अनुसरण करते है। ‘महाजनों येन गतः सः पंथा’, अर्थात जिस मार्ग पर हमारे ऋषि-मुनियों और महापुरुषों ने प्रसस्त किया उसी का अनुशरण करने में सबका कल्याण है।
कथा के यजमान नरेंद्र शर्मा (परीक्षित), गोपाल कृष्ण शर्मा, राजू पंडित, गुड्डू शर्मा, शेखर शर्मा, ठाकुर बाबू सिंह(पूर्व ग्रामप्रधान), छत्रपाल शर्मा, रामअवतार शर्मा, मनमोहन कश्यप, जितेंद्र भारद्वाज, छोटे सिंह, राजकुमार सिंह, संतोष देवी, माया देवी, शालू शर्मा, लकी शर्मा, शिखा शर्मा, निधि शर्मा और निर्मल शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। दिल्ली से आए भजन गायक कलाकार अमर दास ने अपने सुमधुर भजनों द्वारा सबको लाभान्वित किया।

दूसरे दिन की कथा आरती पूजन के साथ कार्यक्रम को विश्राम किया गया। कार्यक्रम दोपहर 12 से सायं 5 बजे तक चला।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here