मंग्पु में श्री सतपाल जी महाराज का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया

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संवाददाता/सोनादा  : मानव धर्म के प्रणेता सदगुरुदेव श्री सतपाल जी महाराज का ६९वें जन्मोत्सव  शनिवार को भारत के अलावा विश्व के विभिन्न देशों में हर्सोल्लास के साथ मनाया गया। मानव उत्थान सेवा समिति उत्तर पूवाञ्चल क्षेत्र अन्तर्गत विभिन्न तहसील में भव्य रुप से पालन किया ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार समिति के मंग्पु तहसील के दीपक टोल स्थित राजराजेश्वरी मन्दिर में इक्कीस सितंबर को सुबह हवन यज्ञ, वन्दना, आरती द्वारा  जन्मोत्सव का शुभारम्भ किया गया। सुबह दस बजे एक भव्य सदभावना शोभा यात्रा  राज  राजेश्वरी मन्दिर से आरम्भ होकर मंग्पू नाल डाँडा होते हुए सम्पूर्ण रेसेप बजार परिक्रमा करते हुए मन्दिर परिसर में पहुचकर समापन किया । तत्पश्चात सदभावना सत्संग समारोह में परिणत हुआ। समिति के महात्मा चाँद बाईजी, महात्मा अलकनन्दा बाईजी, महात्मा हरिदिना बाईजी के नेतृत्व में सम्पन्न सदभावना शोभा यात्रा में मंग्पु, सिटोंग, लाठपञ्चर, टिस्टाभेल्ली, गेल, जिंगलाम, रंगली आदि क्षेत्रों से अधिक संख्या में भागवत भक्तजन उपस्थित थे।

समय के तत्वदर्शी सदगुरुदेव श्री सतपाल जी महाराज द्वारा जन जन में आत्मज्ञान देते हुए  सदगुरु से आत्मज्ञान प्राप्त कर घर परिवार , समाज तथा देश में शान्ति  सदभावना कायम रखने का सन्देश देना ही सदभावना शोभा यात्रा का उद्देश्य है । यह बातें समिति के प्रचार- प्रसार सचिव मेघनाथ छेत्री तथा जिल्ला सचिव विनय रसाईली ने पथ सत्संग को सम्बोधन करते हुए जानकारी दे रहे थे। शाम को दीपक प्राथमिक पाठशाला के प्रेक्षागृह में महात्मा चाँद बाईजी के अध्यक्षता में सदभावना सत्संग समारोह सम्पन्न हुआ। समारोह को सम्बोधन करते हुए महात्मा चाँद बाईजी एवं महात्मा अलकनन्दा बाइजी ने सदगुरुदेव श्री महाराज का जीवन लीला के बारे में अवगत कराया। श्री महाराजजी ने आत्मज्ञान प्रदान करने के पश्चात मानव हृदय में ईश्वर का नाम व ज्योति स्वरुप का बोध कराए जाने पर सदगुरुदेव श्री महाराज जी को मानव धर्म के प्रणेता के रूप में सम्बोधन किया जाने की जानकारी दी।  श्री महाराज जी चार वर्ष के उम्र में समाधिस्थ होने की बात महात्मा चाँद बाईजी ने अवगत कराया। श्री महाराज जी के आज्ञा में सन्त महात्मा -बाईजी ने जन- जन में आत्मज्ञानको प्रचार करते हुए प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में आध्यात्मिक जागृति का प्रयास किया गया यह बातें महात्मा अलकनन्दा बाईजी ने कहा। उन्होंने आगे कहा कि अध्यात्म के माध्यम से व्यक्ति का हृदय में शान्ती सदभावना कायम रखते हुए समाज में शान्ती, गुरु महाराज जी का सद्भावना के द्वारा आध्यात्मिक मिशन में सभी को साथ देने का आह्वान किया।

समारोह के सम्बोधन में समिति के उत्तर पूर्वाञ्चल क्षेत्र के प्रचार – प्रसार सचिव मेघनाथ छेत्री ने कहा कि श्री सतपाल जी महाराज का बहु आयामिक  प्रतिभा का परिचय दिया। श्री छेत्री ने कहा कि समय के तत्वदर्शी सदगुरु राम, कृष्ण, बुद्ध, नानक, येशू, मोहम्मद आदि जैसे वर्तमान युग में श्री सतपाल जी महाराज ने आत्मज्ञान जन – जन में प्रदान कर रहे है जो आज विश्व में श्री महाराज जी का भक्तगण करोड़ो की संख्या में शामिल है। इसके साथ ही श्री महाराज के नेतृत्व में सामाजिक तथा आध्यात्मिक विकास के कार्यो को आगे बढ़ाने, देश – विदेश के विभिन्न प्रान्तों में आध्यात्मिक  संगठन का सञ्चालित होने का तथा भारतवर्ष में मानव उत्थान सेवा समिति एवं मानव सेवा दल तथा भातृ संगठन के आध्यात्मिक युवा संगठन एवं बाल सभा ने अधिक कार्य करने का,श्री महाराज जी एवं दिव्य परिवार में अपना जन्मदिन भक्तों को समर्पित किये जाने की बात श्री छेत्री ने बताया।

जन्मोत्सव का संचालित अर्पणा राई वाइबा तथा स्वागत वक्तव्य सुश्री सुरभी गुरुंग ने स्वागत के अलावा रीतुराज रावत ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उक्त जन्मोत्सव कार्यक्रम में गायक राजेन आले के साथ टिस्टाभेल्ली, गेल, जिंगलाम, मंग्पु, सिटोंग, लाठपञ्चर के बाल सभा तथा युवा प्रकोष्ट के कलाकारों ने भजन, नृत्य , सम्भाषण आदि प्रस्तुत किया। समारोह के अन्त में जन्मोत्सव का केक काटा गया। सभी प्रेमी भक्तों ने श्री गुरु महाराज जी को बधाई एवं शुभकामना प्रकट करते हुए शुभकामना गीत पेश की गई। समारोह में भक्तो के लिए भोजन प्रसाद वितरण किया गया।

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