श्रीलंका में आर्थिक संकट का दौर चल रहा है। मौजूदा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का दौर जारी है। इन सबके बीच श्रीलंका के पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर सनथ जयसूर्या ने बड़ा बयान दिया है। जयसूर्या ने कहा कि लोगों ने अब श्रीलंकाई सरकार के ख़िलाफ विरोध करना शुरू कर दिया है। वे सरकार को दिखा रहे हैं कि वे पीड़ित हैं। यदि संबंधित लोग इसे ठीक से संबोधित नहीं करते हैं, तो यह एक आपदा में बदल जाएगा। फिलहाल इसकी ज़िम्मेदारी वर्तमान सरकार की होगी।
जयसूर्या ने आगे कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोग इस स्थिति से गुज़र रहे हैं। वे इस तरह जीवित नहीं रह सकते और विरोध करना शुरू कर दिया है। गैस की किल्लत है और घंटों बिजली की आपूर्ति नहीं है। भारत को लेकर उन्होंने कहा किह मारे देश के पड़ोसी और बड़े भाई के रूप में भारत ने हमेशा हमारी मदद की है। हम भारत सरकार और पीएम मोदी के आभारी हैं। हमारे लिए, मौजूदा परिदृश्य के कारण जीवित रहना आसान नहीं है। हम भारत और अन्य देशों की मदद से इससे बाहर निकलने की उम्मीद करते।
इन सब के बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने मंगलवार देर रात आपातकाल को तत्काल प्रभाव से हटा दिया। देश में बढ़ते संकट के बीच एक अप्रैल को आपातकाल लागू किया गया था। मंगलवार देर रात जारी गजट अधिसूचना संख्या 2274/10 में राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने आपातकाल नियम अध्यादेश को वापस ले लिया है, जिससे सुरक्षाबलों को देश में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए व्यापक अधिकार मिले थे।

































