नरेन्द्र सिंह नेगी से मिले सतपाल महाराज, सीघ्र स्वस्थ होने की कामना की

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संवाददाता/देहरादून :  पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने प्रख्यात लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी से मैक्स अस्पताल में मिलकर उनका हाल जाना और ईश्वर से प्रार्थना करते हुए गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी  के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
          महाराज ने कहा कि वह स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं और सभी लोगों की शुभकामना से और प्रार्थना से उनका स्वास्थ्य बहुत अच्छा है।  हार्टअटैक के बाद राजधानी देहरादून के मैक्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती देवभूमि के प्रख्यात लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी जी के स्वास्थ्य धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उनके स्वास्थ्य का हालचाल जानने आम जनता के साथ ही राजनीतिक हस्तियां अस्पताल पहुँच रही हैं। 80 प्रतिशत उनको लाभ हो चुका है। इस समय उनका ब्लड प्रेशर नार्मल है। और धीरे-धीरे उनका स्वास्थ्य ठीक है। ये आप सब की प्रार्थना का परिणाम है। हमारे स्वर सम्राट नरेन्द्र सिंह नेगी जी, धीरे-धीरे उनको उपचार में फायदा पहुंच रहा है। और इसके बाद में सुशीला बलूनी जे के यहां भी गया। वह भी स्वास्थ्य लाभ कर रही हैं। आप सभी की प्रार्थना ने यह दिखाया कि हमारी जो दोनों विभूति हैं उत्तराखंड की उनको स्वास्थ्य लाभ हो रहा है।
          सतपाल महाराज ने अपने वक्तव्य में कहा कि सदियों में ऐसे लोग पैदा होते हैं जो अपनी लोकसंस्कृति और सभ्यता के लिए पूरा जीवन समर्पित कर देते हैं। उत्तराखंड के लाखों लोगों की आवाज लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी की सेहत अब पहले से बेहतर है। उनके बेटे कविलास नेगी ने गुरूवार शाम पांच बजे मैक्स अस्पताल के बाहर आकर मीडिया के सामने अपने पिता के स्वास्थ्य की जानकारी खुद प्रशंसकों को दी। मैक्स में उनकी एंजियोप्लास्टी की गई है और अगले 72 घंटे उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाएगा। बेटे कविलास ने कहा कि पिताजी के स्वास्थ्य में गुरुवार को काफी सुधार आया है। हालांकि उन्हें अभी वेंटीलेटर में ही रखा गया है । उनकी हालत अब पहले से बेहतर है। वह लोगों को पहचान पा रहे हैं और हाथ व सिर हिलाकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सक उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। अभी दो-तीन दिन और उन्हें चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा। सोशल मीडिया में पिता के बारे में चल रही भ्रामक खबरों पर उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में गलत तथ्य आने से प्रशंसकों में बैचेनी थी।
           गौरतलब है कि नेगी जी का जन्म 12 अगस्त, 1949 को पौड़ी जिले में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पौड़ी से की थी और अबतक वे दुनियाभर के कई बड़े देशों में गा चुके हैं। नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों को सुनकर देवभूमि की पीढ़िया बड़ी हुई हैं। उनके गीतों से उत्तराखंड की लोकसंस्कृति चलती है। यह कहना कहीं से भी अतिस्योक्ति  नहीं होगा कि नरेंद्र सिंह नेगी का मतलब पहाड़ की आवाज है। उनकी आवाज पहाड़ के दिल की आवाज है। उनके गाये गीत पहाड़ियों को जीने का मार्ग दिखाते हैं और आज शायद यही कारण है कि उनकी सलामती के लिए लाखों हाथ दुआओं में उठ खड़े हुए हैं। कहा जाता है कि अगर आप उत्तराखंड और यहां के लोग, समाज, जीवनशैली, संस्कृति, राजनीति, आदि के बारे में जानना चाहते हों तो बस एक बार नरेंद्र सिंह नेगी के गीत सुन लें।

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