


संवाददाता, उत्तमनगर। नव वर्ष के उपलक्ष्य और मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में शनिवार को शाखा चाणक्य प्लेस द्वारा श्मशान घाट के नजदीक शिवमंदिर प्रांगण और बिन्दापुर तालाब पार्क के क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। सतपाल जी महाराज का एक ही नारा, जागे भारत देश हमारा। जागे है जगायेंगे, आत्मज्ञान फैलाएंगे। जैसे उदघोष से सारा वातावरण भक्तिमय कर दिया। भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ‘स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत’ के नारा को मजबूती देने वास्ते यह अभियान बहुत जोर-शोर से चलाया गया। यह चाणक्य प्लेस ही नही बल्कि संस्था द्वारा भारत के विभिन्न स्थानों पर यह निःस्वार्थ और सामाजिक कार्य किये जा रहे है। यह अभियान स्वच्छता अभियान के बाद प्राचीन शिवमंदिर और शीतला माता मंदिर के प्रांगण में (नजदीक बिन्दापुर श्मशान घाट) एक वृहद सत्संग में परिवर्तित हो गया ।
जहां प्रसिद्ध समाजसेवी और आध्यात्मिक गुरु श्री सतपाल जी महाराज के अनुयायी महात्मा रामधनियानंद जी ने इस स्वच्छता अभियान को जन कल्याणकारी बताया। इस योजना पर सरकार विशेष बजट देकर घर-घर मे शौचालय बनवा रही है। हर गली मोहल्ले की सफाई के लिए सफाईकर्मी नियुक्त किये गए है लेकिन हमारा काम इन योजनाओं से पूरा-पूरा लाभ लेना है। इसका पूरा लाभ तभी मिलेगा जब हम अपने आस पास में सफाई रखेंगे और स्वच्छता के प्रति लोगो को जागरूक करके भारत को प्रदूषण मुक्त बनाना है। सभी सुखी हो और सभी निरोग हो, यही संतो की भावना है। सन्तो का काम समाज को जगाना है, उन्हें सत्यगामी बनाना है।
महात्मा जी ने कहा कि बाहरी स्वच्छता के साथ-साथ आंतरिक सफाई भी बहुत जरूरी है। जब अंदर में स्वच्छता आएगी तो बाहर स्वतः ही स्वच्छ हो जाएगा। आंतरिक स्वच्छता केवल सच्चे संतों के सानिध्य और सत्संग श्रवण से ही होगा। जब हम लोग सत्संग में जाते है तब हमारे परिवार में शांति और सद्भावना आती है। बच्चों में अच्छे संस्कार बनते है जो आगे चलकर भक्त बनते है, कोई बड़ा समाजसेवक और कोई सच्चा देश भक्त बनता है। “मजहि फल पेखिये तत्काला, काक होय पिक बकउ मराला”। अर्थात सत्संग का तत्काल प्रभाव मिलता है। कौवे कोयल और बगुले हंस बन जाते है। सत्संग श्रवण से विवेक जाग्रत होता है तब हम अपने जीवन मे जीने की कला सीखते है। इसलिए आइए हम सभी मिलकर इस अध्यात्म जागरण द्वारा भारत की सुषुप्त आत्मा को जागृत कर भारत को मजबूत बनाये और देश में सद्भाव का माहौल पैदा करें जिससे भारत का नाम पूरी दुनिया में हो। आज पूरी दुनिया की निगाह भारत पर टिकी है जो आशाभरी दृष्टि से देख रहे है। क्योकि भारत ही एक ऐसा देश है जहां हर युग में महापुरुष आते है और दिशाहीन समाज को अध्यात्म जागरण द्वारा मार्गदर्शन करते है। ‘महाजनों येन गताः सो पंथा’ अर्थात जिस मार्ग पर महापुरुष चले वही मार्ग श्रेष्ठतम और हितकारी है।
रामभक्ति के ते अधिकारी,
जिनको सत्संग लगे अति प्यारी।।
आर्यव्रत म्यूजिकल ग्रुप द्वारा सुंदर और प्रेरणादायक भजनों की प्रस्तुति से श्रोतागण झूम उठे। कार्यक्रम के दौरान संस्था का निःशुल्क साहित्य वितरण भी किया गया। मानव सेवा दल और शाखा कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना भरपूर योगदान दिया। मुख्य अतिथि ओमप्रकाश जी (पर्यवेक्षक, डी. डी.ए.) ने महात्मा जी को फूल-माला पहनाकर स्वागत किया।साथ ही शाखा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने महात्मा जी व अतिथि का फूल-मालाओं से स्वागत किया। रमेश भारद्वाज, रामचंद्र, रामसिंह राणा, राजू, संपित, बाबूराम,प्रभुदयाल, जौहरी सिंह, गुरभजन सिंह, राधेश्याम, महेश शर्मा, दिनेश शर्मा, प्रमोद मिस्त्री, संजय, सुनील, राजकुमार, अशोक शर्मा, रामलाल, जगदीश, लक्ष्मण, पूरनचंद, कृष्णा देवी,प्रमोद, अनिल, चेतन, राजकिशोर, रेनू साहू, चंदा देवी, उषा बहन, राधा देवी, शकुंतला देवी व अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।आरती-प्रसाद और भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। मंच संचालन शंकर शर्मा ने किया।
































