हिमबहादुर/सिलीगुड़ी। नेपाल देश के धुलाबाड़ी में दो दिवसीय विराट सत्संग समारोह से पूर्व छोटे बच्चों में प्रतिभा को उजागर करने और उनमें राष्ट्र प्रेम की भावना को जागृत करने के उद्देश्य से विराट सत्संग समारोह के दौरान राष्ट्रीय बाल सभा उत्सव का आयोजन किया गया। नेपाल के कोने-कोने से आये हुए बाल कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रतिभा का मंचन किया। नाटक, कविता, वाचन, नृत्य, गायन और अनेक क्षेत्रों में सभी कलाकरो ने अपनी हुनर का प्रदर्शन सुनियोजित तरीके से किया। बच्चों में इस तरह की रुचि बढाने और उन्हें दिशा-निर्देश करने के लिए मानव धर्म के प्रणेता सतपाल जी महाराज की प्रेरणा से नेपाल मानव धर्म समिति पूरे देश में व्यापक रूप से सेवा कार्य कर रही है।
बच्चों को संस्कारित करने के उद्देश्य से व्यापक रूप से लोग अपनी रुचि दिखा रहे है और अपने परिवार के छोटे बच्चों को इसके प्रति जागरूक कर रहे है।नेपाल मानव धर्म समिति की केंद्रीय प्रभारी महात्मा चमेली बाई जी ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि हाम्रो नेपाल, राम्रो नेपाल। राष्ट्र सर्वोपरि होता है और बच्चे देश का भविष्य होते है। इन्हें जैसा संस्कार मिलेगा वैसा ही बनेंगे। यही बच्चे आगे चलकर कोई डॉक्टर बनेगा, कोई वकील बनेगा, कोई वैज्ञानिक बनेगा, कोई भक्त बनेगा, तो कोई महान संत बनेगा। इन्ही बच्चों के कंधे पर देश का भार होता है। पुरस्कार वितरण का कार्य भी महात्मा चमेली बाईजी के द्वारा किया गया। निर्णायक मंडली में महात्मा त्रिगुण बाई जी, लक्ष्मण राई और अन्य शामिल थे।
इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के व्यवस्थापन सेवा कार्य संस्था की तरफ से नीतू गुरुङ ने बखूबी निभाया। मंच संचालन दीक्षित पौडेल और अमिता दहाल ने किया। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी यह बाल प्रतियोगिता नेपाल के श्रद्धेय आश्रम, धुलाबाड़ी के प्रांगण में किया गया। अंत मे विजेताओ को प्रशस्ति पत्र, और अनेक प्रेरणादायक पुरस्कार भेंट कर सम्मानित किया गया।



































Great job👍️
धार्मिक आस्थामे डुबे सभी बच्चोको आनेवाले दिनमे भि श्रीगुरुमहाराजजीके सानिध्य प्राप्त हो यहि मेरी शुभकामना ।