तीन करोड़ कांवड़ियों ने लगाई आस्था की डुबकी

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संवाददाता/हरिद्वार : कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है। चारों ओर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ा हुआ है। बम-बम बोल से गूंज रही धर्मनगरी में अब तक तीन करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु गंगाजल भरकर अपने-अपने गंतव्यों को लौट चुके हैं। हरिद्वार के जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि अकेले बुध्वार को सुबह 11 बजे तक करीब 20 लाख कांवड़िये पहुंचे हैं।

यात्रा शुरू होने के साथ ही हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं की तादाद खासी बढ़ गई है। 21 जुलाई को मेला संपन्न हो जाएगा। कांवड़ पटरी, राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर हरिद्वार के हर कोने में कांवड़ियों का सैलाब देखने को मिल रहा है। आलम यह है हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। श्रद्धा से डग भरते लोग हरिद्वार की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें से कई ऐसे हैं जो बिना किसी मन्नत के यात्रा पर आए हैं। बच्चे, बूढ़े, जवान हों या महिलाएं आस्था के पथ पर कोई पीछे नहीं है।

मेरठ के एक यात्री ने बताया कि वे विगत छह वर्षों से कांवड़ लेकर आ रहे हैं। उनके चार पुत्र हुए थे। जो चारों ही काल का ग्रास हो गए। उन्होंने बताया कि जब उनका पांचवा पुत्र हुआ तो उन्होंने उसे भगवान शिव के अर्पण कर दिया और मन्नत मांगी की जब तक उनका शरीर कार्य करता रहेगा वह प्रतिवर्ष कांवड़ लेकर हरिद्वार आएंगे। यह उनकी सातवीं कांवड़ यात्रा है। हर कोई आस्था की इस पवित्र नगरी में अपनी-अपनी मन्नतें लेकर आ रहा है और भगवान शिव उनकी मन्नतों को पूरा कर रहे हैं। यही कारण है कि तीर्थनगरी में प्रतिवर्ष कांवड़ियों की संख्या में इजाफा हो रहा है।

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