
मुरादनगर,संवाददाता| स्थानीय सतलोक आश्रम स्थित श्री हंस इन्टरमीडिएट कालेज प्रांगण में मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित होली महोत्सव पर्व के प्रथम दिवस पर श्रदालुओं को संबोधित करते हुए उत्तराखण्ड सरकार में कैबिनेट मंत्री व सुप्रसिद्ध समाजसेवी श्री सतपाल जी महाराज ने कहा कि होली का पर्व हमें बताता है कि बालक प्रह्लाद जब भगवान का भक्त था, उसका अत्याचारी पिता हिरण्यकश्यप उसकी समाप्ति चाहता था| परन्तु प्रभु की कृपा से प्रह्लाद की रक्षा हुई| होलिका तो अग्नि में जल गयी और भक्त प्रह्लाद का बाल भी बांका नहीं हुआ, भक्त की भगवान् सदैव रक्षा करते है|
श्री महाराज जी ने कहा कि होलिका जिसको जलना नहीं था वह जल गयी और प्रह्लाद जिसको जलना था वह बच गया| उन्होंने कहा कि इस बात पर यदि मंथन करे तो समझ में आयेगा कि अध्यात्म क्या है, अध्यात्म की शक्ति से ही मानव महामानव बन सकता है| जब अध्यात्म का, ज्ञान का प्रचार होगा तब राष्ट्र उन्नति करेगा और समाज में प्रेम व सद्भावना होगी| श्री महाराज जी ने कहा कि अध्यात्म से ही हमारा देश विश्वगुरु बनेगा|
श्री महाराज जी ने आगे कहा कि जिसका मन शांत होगा वही दूसरों को भी शांत कर सकता है, वह किसी को तंग नहीं करेगा| अगर वह खुद ही दुखी होगा तो वह दूसरों को कैसे सुखी करेगा| ऐसे ही जिस व्यक्ति का मन बेचैन है वह दूसरों को भी बेचैन करेगा| महाराज जी ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे लोहे का जहाज पानी में तैर सकता है ऐसे ही अध्यात्म ज्ञान की शक्ति से जीव संसार में रहते हुए भी भवसागर से पार होता है, शांति को प्राप्त होता है|
कार्यक्रम से पूर्व श्री महाराज जी व अनेक गणमान्य उपस्थित अतिथियों का संस्था के अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ताओ ने माल्यार्पण कर स्वागत किया| माता श्री अमृता जी व अनेक विद्वान संतो ने भी अपने विचार रखे|































