संवाददाता/साहिबाबाद| अखिल भारतीय धार्मिक और समाजिक संस्था मानव उत्थान सेवा समिति की शाखा प्रेमपुरी आश्रम साहिबाबाद, गाजियाबाद में महात्मा जतनानन्द जी की उपस्थिति में साधना शिविर का आयोजन किया गया। महात्मा जी ने साधना का महत्व सभी प्रेमी भक्तो को बताया। यह शिविर परमपूज्य श्री सतपाल जी महाराज की प्रेरणा से सम्पन्न किया गया|
महात्मा जी ने साधना को जीवन का स्तंभ बताया और कहा कि जीवन में सच्चे ज्ञान की प्राप्ति कर नित्यप्रति भजन-साधना करने से मन में शांति आती है| जब अपने मन में शांति आएगी तब परिवार में शांति होगी, पड़ोस में शांति होगी| जब पड़ोस में शांति होगी तब क्षेत्र में शांति होगी, जब क्षेत्र में शांति होगी तब प्रदेश में शांति होगी, इससे बढ़ते हुए देश और दुनिया में शांति होगी| जो हमारा भारत देश पुरे दुनिया को शांति-दूत बनके सद्भावना और संस्कृति का सन्देश देता था| हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम सभी लोग अपने अस्तित्व को समझे और भारत को आगे बढ़ाने में अपना-अपना योगदान दे|
उन्होंने बताया कि साधना करने से आत्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है| और व्यक्ति के अंदर सकारात्मक सोच-विचार आते है जिससे वातावरण में सकारात्मक स्पंदन से वातावरण की शुद्धि होती है| साधना करने से मन,कर्म और वचन तीनो में तालमेल बनता है और व्यक्ति जीवन में बड़ी उपलब्धि को प्राप्त करता है|
महात्मा जी ने 4 आसनों के बारे में बताया| रविवार को सिर्फ पद्मासन के बारे में बताया| बाकी के बारे में अगले साधना शिविर में बताएंगे। महात्मा जी ने सभी प्रेमी-भक्तों से हर महीने के दूसरे शनिवार को सुबह ७ बजे साधना शिविर में पधारने के लिए निमंत्रित किया।































