समाज में शांति स्थापना के लिए वैचारिक क्रांति लाना होगा- महात्मा जतनानन्द

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संवाददाता/साहिबाबाद। देश के वातावरण में व्याप्त अशांति, अपराध और वैमनस्य के बहुतायतता में होने के चलते मानव उत्थान सेवा समिति समाज में शांति स्थापना के लिए वैचारिक क्रांति लाएगी। यह क्रांति सद्भावना पदयात्रा, गोष्ठी, संतों के प्रवचन और मार्गदर्शन से ही हो सकती है।
मानव उत्थान सेवा समिति के जीटी रोड साहिबाबाद स्थित प्रेमपुरी आश्रम के प्रभारी महात्मा जगतनानंद ने पत्रकारों को बताया कि आज हमारे समाज में चारों और अशांति का वातावरण बना हुआ है। अपराध और वैमनस्य की भावना चरमोत्कर्ष पर है। समाज में शांति के लिए उनकी संस्था के साधु-संत आम जनता को साथ लेकर 19 जनवरी रविवार की प्रातः 7 बजे एक सद्भावना पदयात्रा का आयोजन करेंगे।

यह पदयात्रा आश्रम से शुरू होकर राजेंद्र नगर लाजपत नगर से श्याम पार्क एक्सटेंशन होते हुए आश्रम पर समाप्त होगी तथा रैली के बाद यह विशाल सद्भावना सत्संग का आयोजन आश्रम पर किया जाएगा|

उन्होंने बताया कि उनकी संस्था एक अखिल भारतीय सामाजिक और आध्यात्मिक संस्था है। जिसके मार्गदर्शक ख्याति प्राप्त समाजसेवी और आध्यात्मिक गुरु सतपाल जी महाराज हैं। महाराज जी के दिशा निर्देशन में ही भारतवर्ष में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में संस्था के महात्मा और साधु संतों द्वारा अध्यात्म का ज्ञान का प्रचार और प्रसार किया जा रहा है। उनकी संस्था देश में व्याप्त सामाजिक अशांति और अपराध की बढ़ती घटनाओं से चिंतित है और इसी सामाजिक शांति के लिए वैचारिक क्रांति की जरूरत होती है।
पत्रकार वार्ता में महात्मा जगतानंद जी के अलावा मुख्य महात्मा योगानंद जी, राजवीर शर्मा ,मोहित कसाना तथा खुशाल सिंह आदि ने भाग लिया।

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