हिमबहादुर/सिलीगुड़ी: आज देश में सद्भावना की परम आवश्यकता है l भौतिक दृष्टिकोण से भले ही लोग विकास कर रहे हैं पर आध्यात्मिक रूप से हमारा पतन हो रहा है इसीलिए समाज में हिंसा-द्वेष तथा अशान्ति फैलती जा रही है। सिलीगुड़ी के सालुगड़ा स्थित मानव धर्म आश्रम परिसर में आयोजित दो दिवसीय सद्भावना सम्मेलन के प्रथम दिन विभिन्न राज्यों से आये हुए हजारों श्रद्धालु-भक्तों को सम्बोधित करते हुए सद्गुरु श्री सतपालजी महाराज ने कहा l
श्री महाराज जी ने आगे कहा कि अध्यात्म ज्ञान से ही समाज में प्रेम एवं शान्ति स्थापित की जा सकती है l अध्यात्म हमें जीवन जीने की कला सिखाती है । सद्गुरु मनुष्य के हृदय के अन्दर आत्मज्ञान की ज्योति जलाकर उसके अज्ञान रूपी अन्धकार को दूर कर देते हैं । उन्होंने गीता में वर्णित श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को राजविद्या देने की बात सुनाते हुए कहा कि एक ऐसी विद्या है जो सब विद्याओ का राजा है उसका ज्ञान सद्गुरु बताते हैं । उस विद्या को जानकर मनुष्य को भजन करना चाहिए । उन्होने बताया कि हमारा देश अनादिकाल से ही अध्यात्म ज्ञान के प्रकाश से विश्व का मार्ग प्रशस्त करता आया है और आज भी आध्यात्मिक शक्ति से भारत विश्व गुरु बन सकता है !
इसके बाद सोमबार सुबह 10 बजे से सत्संग मैदान में सद्गुरु महाराज एवं सम्पूर्ण दिव्य परिवार की उपस्थिति में मानव सेवा दल की परेड प्रतियोगिता सम्पन्न हुई जिसमें एक्स आर्मी की भक्तों की टीम ने भी हिस्सा लिया l उसके बाद छोटे-छोटे बच्चों ने योग सम्बन्धित ड्रिल प्रस्तुत की l डुआर्स के भक्तों ने आदिवासी सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर सद्गुरु माराज के मन को प्रसन्न कर दिया। सद्गुरु महाराज ने मानव सेवा दल के परेड की प्रशंशा करते हुए इसे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया l
भारतीय सेना की देश भक्ति की प्रसंशा करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सेना सरहद पर जागती है ताकि हम चैन की नींद सो सकेl उन्होंने सद्भावना परिसर में स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए कार्य करने की तरीकों को सराहते हुए कहा कि बाहर की कूड़ा को भी कूड़ेदान में डाले और मन की गंदगी को भी बाहर फेंकेl राष्ट्रीय निर्माण में सब देशवासियो को अपना-अपना योगदान देने की अपील करते हुए अपने गांव एवं देश को स्वच्छ रखने की बात कही l
इसके पश्चात 12 बजे से सद्गुरु महाराज ने लोगों को दर्शन देकर कृतार्थ किये l शाम 5 बजे से सत्संग एवं भजन का कार्यक्रम शुरू हुआ l भजन कलाकारों ने सुन्दर-सुन्दर भजन प्रस्तुत कर भक्तों का मन मोह लिया। छोटे-छोटे बच्चों ने सुन्दर-सुन्दर आध्यात्मिक नृत्य और नाटक प्रस्तुत कर सद्भावना सम्मेलन में चार चाँद लगा दिया l हरिद्वार से पधारे संत-महात्मा बारी-बारी से हिन्दी, नेपाली तथा सादरी भाषा में लोगों को सत्संग सुनाकर प्रभु के पावन नाम जानकर भजन करने एवं मनुष्य जीवन सफल बनाने की प्रेरणा दी l
सद्गुरु महाराज जी के ज्येष्ठ सुपुत्र श्री विभूजी महाराज ने भी सत्संग सुनाकर लोगों को आत्मज्ञान के ताकत से मन को नियन्त्रित करने एवं उसे प्रभु के पावन नाम में जोड़ने की प्रेरणा दीl स्थानीय लोगों ने भी सम्मेलन का आनंद लिया। भक्तों के लिए निःशुल्क भण्डारे की व्यवस्था समिति द्वारा की गई है l






नोट: समिति के मानव सेवा दल, यूथ विंग तथा सेवानिवृत सैनिक द्वारा परेड का निरीक्षण करते हुए मानव धर्म के प्रणेता सद्गुरु श्री सतपाल जी महाराज एवं दिव्य परिवार।

































very good job by Manav Utthan Sewa Samiti