संवाददाता/हरिद्वार, 12 अप्रैल। सुपसिद्ध समाजसेवी माननीय श्री सतपाल महाराज ने कहा कि आज राष्ट्र की एकता व अखण्डता के लिए सद्भावना की नितांत आवश्यकता है | श्री सतपाल महाराज ने ऋषिकुल मैदान में आयोजित सद्भावना सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हमें प्रेम व अहिंसा के रास्ते पर चलकर समाज में एकता की भावना को मजबूत करना होगा।जब देश सुरक्षित होगा तभी हम एकजुट होकर विकास के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे। प्रत्येक देशवासी को आज देश के सर्वांगीण विकास के लिए अपना बहुमूल्य योगदान देना होगा और हमें बाहरी स्वच्छता के साथ–साथ आंतरिक स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
श्री महाराज ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि सभी महानपुरुषों ने एकता व सद्भावना के माध्यम से मानव समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। समाज में अध्यात्म ज्ञान का प्रचार–प्रसार किया तथा अध्यात्म के संदेश से लोगो का हृदय परिवर्तन कर सद्भावना का मार्ग प्रशस्त किया।
उन्होंने कहा कि समाज में अच्छे कार्य करने पर कुछ बाधाएं तो आती है लेकिन निश्चयात्मक बुद्धि वाले मनुष्य विचलित नही होते है बल्कि वह अपने लक्ष्य के लिए निरन्तर आगे बढ़ते रहते है। श्री महाराज ने कहा कि जिस तरह गुलदस्ते में अनेक प्रकार के फूल गुलदस्ते की शोभा को बढ़ाते है उसी तरह यह भारतवर्ष हमारे लिए एक सुंदर गुलदस्ते के समान है। और हम सब मिलकर इस भारतरूपी गुलदस्ते की शोभा को बढ़ाएं।
समारोह में श्रीमती अमृता रावत, श्री विभु जी, श्री सुयश जी सहित अनेक साधु-संतों ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। इस अवसर पर छोटे-छोटे बच्चों द्वारा देशभक्ति से प्रेरित लघु नाटक का मंचन भी किया गया। दूर- दूर से आये हुए अनेक भजन गायको ने सुमधुर भजनो की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया| मंच संचालन महात्मा हरिसंतोषानंद ने किया।
































