माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने की राष्ट्रपति द्वारा विधिवत घोषणा

0
696

संवाददाता/नई दिल्ली  : राष्ट्रपति ने संसद के ऐतहासिक केन्द्रीय कक्ष में घंटा बजाकर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने की विधिवत घोषणा की। इससे पहले उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, कुछ ही पलों में हम माल एवं सेवा कर (जीएसटी) देश में लागू करने के साक्षी बनेंगे जो एक एकीकृत कर प्रणाली है। एक देश-एक कर के लक्ष्य वाले जीएसटी लागू होने को ऐतिहासिक क्षण करार देते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि एकीकृत साझा राष्ट्रीय बाजार का सृजन करने के साथ जीएसटी से आर्थिक दक्षता, कर अनुपालन एवं निवेश को काफी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण उस 14 साल लंबी यात्रा का समापन है जो दिसंबर 2002 में तब शुरू हुई थी जब परोक्ष कर के बारे में केलकर कार्य बल ने मूल्य वर्धित कर सिद्धांत के आधार पर माल एवं सेवा कर का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006.07 के आम बजट में जीएसटी का प्रस्ताव किया गया था। राष्ट्रपति ने जीएसटी लागू होने को अपने लिए भी एक संतोष का क्षण बताया। उन्होंने कहा, यह मेरे लिए भी संतोष का पल है क्योंकि वित्त मंत्री के रूप में मैंने 22 मार्च 2011 में संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था। मैं डिजाइन एवं क्रियान्वयन से करीबी रूप से जुड़ा रहा तथा मुझे राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ औपचारिक एवं अनौपचारिक रूप से मुलाकात का अवसर मिला। उन्होंने कहा, एकीकृत साझा राष्ट्रीय बाजार का निर्माण कर जीएसटी आर्थिक दक्षता, कर अनुपालन तथा विदेशी एवं घरेलू निवेश को भारी बढ़ावा देगा।

राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा, मुझे बताया गया कि जीएसटी को आधुनिक विश्व स्तरीय सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली के माध्यम से प्रशासित किया जाएगा। मुखर्जी ने जीएसटी को बदलाव लाने वाला बताया। उन्होंने कहा, यह वैट को लागू करने के समान है जिसमें शुरुआत में विरोध हुआ था। जब इतने व्यापक पैमाने पर बदलाव होता, भले ही वह जितना सकारात्मक क्यों न हो, उसमें कुछ शुरुआती दिक्कतें आना लाजमी है। हमें इसे समझकर और गति से समाधान निकालना होगा ताकि इससे अर्थव्यवस्था की विकास गति प्रभावित न हो। उन्होंने कहा, इस प्रकार के बड़े बदलाव की सफलता उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। आने वाले महीनों में वास्तविक क्रियान्वयन के अनुभवों के आधार पर जीएसटी परिषद तथा केन्द्र एवं राज्य सरकारों को निरंतर डिजाइन की समीक्षा करनी चाहिए और उसकी भावना के साथ बेहतरी के प्रयास करने चाहिए जैसा कि उन्होंने अभी तक प्रदर्शित की है। राष्ट्रपति ने प्रत्येक भारतीय से अपील की कि वह इस नयी कर प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू करने में सहयोग दें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here