एजेंसी/नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए लोगों से ‘‘लंबी लड़ाई’’ लड़ने के लिए तैयार रहने की अपील करते हुए सोमवार को अपने मंत्रियों से कहा कि लॉकडाउन से धीरे-धीरे बाहर निकलने और घातक महामारी के आर्थिक प्रभाव पर लगाम लगाने के लिए योजनाएं बनाएं। उन्होंने कहा कि दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने की योजनाएं भी बनाई जाएं। नयी दिल्ली, मुंबई और देश के अन्य हिस्से में और ज्यादा लोगों के कोरोना से संक्रमित होने के बाद देश भर में संक्रमित लोगों की संख्या 4600 से अधिक हो गई है और मरने वालों की संख्या कम से कम 138 हो गई है।
सरकार ने सभी सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन में एक वर्ष के लिए 30 फीसदी कटौती करने की भी घोषणा की है और दो वर्षों तक उनके क्षेत्रीय विकास कोष को भी रोक दिया जाएगा जो करीब आठ हजार करोड़ रुपये बनता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संकेत दिए कि बीमारी ‘‘स्थानीय समुदाय संचरण’’ के चरण में है और कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में ही काफी संख्या में मामले सामने आ रहे हैं और संकेत दिए हैं कि उत्तर प्रदेश सहित कुछ इलाकों को पूरी तरह लॉकडाउन से छूट नहीं दी जा सकताी है।
तेलंगाना की सरकार ने केंद्र से कहा है कि लॉकडान को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाए वहीं महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि किसी को भी यह नहीं मानना चाहिए 15 अप्रैल के बाद राज्य में लॉकडाउन पूरी तरह खत्म हो जाएगा। असम की सरकार ने संकेत दिए कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने के बाद राज्य में प्रवेश के लिए परमिट व्यवस्था लागू की जा सकती है।






























