लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोमती रिवरफ्रंट का निरीक्षण किया। इस दौरान वे अधिकारियों के साथ कार्यो की प्रगति के साथ समीक्षा की। बैठक में उप मुख्यमंत्री डाॅ. दिनेश शर्मा समेत कई मंत्री मौजूद रहे। इसके बाद योगी ने रिवरफ्रन्ट के कार्यों की समीक्षा की और इस बावत अधिकारियों से गोमती रिवर फ्रन्ट के खर्च के बारे में जानकारी ली। गौरतलब हो कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद 2 दिवसीय दौरे पर गोरखपुर गये थे।
रविवार को योगी आदित्यनाथ वापस राजधानी पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने गोमती रिवरफ्रंट पर अव्वस्था देख अधिकारियों पर भड़क गये। सिंचाई विभाग से लेकर आईडीए तक की अधिकारियों से कार्यो का जायजा लिया। वे अब तक और आगे होने वाले कार्यो का नक्शा भी मंगाया है। योगी के निरीक्षण के बाद इस प्रोजेक्ट में बदलाव व अन्य विकास कार्यो पर मुहर लगाएंगे। निर्माण आदि में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई भी हो सकती है। तीन हजार करोड़ के इस प्रोजेक्ट पर आधी रकम खर्च हो चुकी है। प्रथम चरण का काम लगभग पूरा है। 8.1 किमी लंबे रिवर फ्रंट को लंदन के टेम्स नदी की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। रिवर फ्रंट प्रधानमंत्री पीएम नरेंद्र मोदी के प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट में से एक है।
सीएम आदित्यनाथ योगी व सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह इस प्रोजेक्ट पर दिलचस्पी दिखा रहे हैं। और प्रोजेक्ट में बदलाव के भी आदेश दिए जा सकते हैं। इस दौरान मुख्य सचिव राहुल भटनागर, मंत्री बृजेश पाठक, रीता बहुगुणा जोशी, सुरेश खन्ना, आशुतोष टंडन, उपेन्द्र तिवारी, स्वाती सिंह, सिंचाई मंत्री धर्म सिंह सैनी समेत कई अन्य मंत्री और अधिकारी उपस्थित रहे। खबर है कि मुख्यमंत्री योगी पीपीटी देखेंगे और फिर अफसरों को जिमेदारी देंगे। वे सोमवार को कई विभागांे के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। सूत्रों की मानें तो सीएम के सामने हर दिन एक से दो विभागों का प्रजेंटेशन होगा। अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों के साथ बैठक होगी। इस दौरान वे बीते सालों का हिसाब लेंगे और नए विचारों को तवज्जो देंगे।
साभार : वेबवार्ता

































