हिम बहादुर/सिलीगुड़ी। मानव उत्थान सेवा समिति, कार्सियांग शाखा की तत्वावधान में स्थानीय नगर स्थित टाउन कम्युनिटी हल में माता श्री राजराजेश्वरी का ८९वाँ जन्म जयन्ती आठ अप्रैल को विविध कार्यक्रम के साथ सम्पन्न किया गया । दीप प्रज्ज्वलन के बाद भक्ति संगीत कलाकर के तरफ से कर्णप्रिय भजन कीर्तन प्रस्तुत कर श्रोताओ एवं दर्शकों को आनन्द प्रदान किया ।सत्संग प्रवचन की क्रम में मेघनाथ छेत्री ने श्री माताजी की परिचय और आत्मज्ञान के महत्व पर अपना अनुभव व्यक्त किया।
दुसरी चरण में हाल ही में विद्यावारिधि (डक्टरेट) की उपाधि से विभुषित हुए रितु राई, नेपाली संगीत जगत की लब्धप्रतिष्ठ गायिका हीरा रसाइली, कार्सियांग नगर में ईस्वी १९७० में महात्मा तेजानन्दजी से दीक्षित हुए निर्मला प्रधान जो सर्व प्रथम गुरु भक्त प्रेमी है और वरिष्ठ नागरिक बी० बी० गुरुङ को समिति के तरफ से सम्बर्द्धित किया गया । सत्संग की अगली क्रम में श्री माताजी ने समाज के प्रति दिए हुए योगदान के विशद रुप में चर्चा करते हुए सह प्रभारी महात्मा मनोहरी बाईजी ने सत्संग में कहा हम श्री माताजी को प्यार-दुलार, परामर्श सहयोग की कभी भूल नहीं सकते । भक्तजन संसार के कर्म करते हुए भजन भक्ति भी कर सकते हैं । असली सुख, शान्ति और आनन्द भगवान कि भजन भक्ति में ही है । प्रभारी सन्त महात्मा देवा बाईजी ने भी माताजी की परिचय देते हुए आत्माज्ञान की अनिवार्य और महत्ता विषयो पर चर्चा किया ।
कार्यक्रम में प्रमुख मेहमान गोर्खा सांस्कृतिक संस्था की अध्यक्ष आशा लामा मुखिया ने अपनी अभिभाषण में कहा कि आज यथार्थ में अध्यात्म ज्ञान के बारे में बाई-महात्मा की तरफ से सुनने का सुअवसर मिला । हमारे अन्दर में व्याप्त द्वेष, राग, क्रोध, लोभ, अहं की परिशोधन धर्म- अध्यात्म और सत्संग से होता है । हमे वास्तव में ऐसी कथित कार्यक्रम में निश्चित रुप में सहभागी होना चाहिए । आज की कार्यक्रम में समिति के मूल सचिव निर्ग लामा, लेखापाल बी० के० तामङ, आमन्त्रित मेहमानों तथा विभिन्न शाखा से प्रेमीगण उपस्थित हुए थे।



































