वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति चुनाव जीता, पक्ष में 516, विपक्ष में पड़े 244 वोट

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संवाददाता/नई दिल्ली : राजग प्रत्याशी एम वेंकैया नायडू देश के अगले उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं। उपराष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में वेंकैया ने दो तिहाई से अधिक वोट प्राप्त करके विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी को पराजित किया। वेंकैया नायडू को 516 वोट मिले जबकि गोपाल कृष्ण गांधी को 244 वोट प्राप्त हुए। चुनाव अधिकारी शमशेर के. शरीफ ने यह जानकारी दी। मतदान में 11 वोट अवैध पाये गए। दोनों सदनों के 785 सांसदों में से 14 सांसद वोट नहीं डाल पाये।

नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा, किसान पृष्ठभूमि से आने के मद्देनजर मैंने इसकी कल्पना नहीं की थी कि मैं यहां पहुंच सकूंगा। भारतीय राजनीति में कृषि को उपयुक्त आवाज नहीं मिल पायी है। उन्होंने कहा कि मैं कृतार्थ हूं। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सभी पार्टी नेताओं का समर्थन देने के लिये आभारी हूं। मैं उपराष्ट्रपति संस्था का उपयोग राष्ट्रपति के हाथ मजबूत बनाने के लिए करूंगा और ऊपरी सदन की मर्यादा को कायम रखूंगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने पर वेंकैया नायडू को बधाई दी। प्रधानमंत्री वेंकैया के आवास पर पहुंचे और उनका मुंह मीठा करवाया। प्रधानमंत्री के साथ भाजपा अध्यक्ष भी नायडू को बधाई देने आये। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वेंकैया नायडू उपराष्ट्रपति के रूप में पूरी लगन और समर्पण के भाव से राष्ट्र की सेवा करेंगे और राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य के प्रति समर्पित रहेंगे। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिये हुए मतदान की समाप्ति पर आज शाम 98.21 प्रतिशत सांसदों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। लोकसभा और राज्यसभा के कुल सदस्यों की संख्या (निर्वाचित और राज्यसभा के मनोनीत सदस्यों को मिलाकर) 790 है। न्यायिक आदेश के बाद भाजपा के एक लोकसभा सदस्य के मतदान पर रोक लगाई गई है। शुरूआती मतदान करने वालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एम. वेंकैया नायडू तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ शामिल थे। आदित्यनाथ फिलहाल लोकसभा के सदस्य हैं। प्रधानमंत्री सुबह दस बजे मतदान कक्ष खुलने से पहले ही पंक्ति में आकर खडे़ हो गये थे। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, उनकी पार्टी के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और सुष्मिता देव ने भी उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान किया। उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित और मनोनीत दोनों तरह के सदस्य मतदान करते हैं। नायडू, शेखावत के बाद संघ के दूसरे नेता खास बात ये है कि वेंकैया नायडू भैरों सिंह शेखावत के बाद संघ के दूसरे नेता होंगे जो उपराष्ट्रपति बनने वाले हैं। भाजपा नेता एम वेंकैया नायडू का उपराष्ट्रपति बनना लगभग तय था। आंकड़ों के खेल में उनके पास विपक्षी गोपाल कृष्ण गांधी की तुलना में पर्याप्त संख्याबल थे। ऐसे में वेंकैया नायडू यदि चुनाव जीत पहले से ही निश्चित थी, ऐसे में उपराष्ट्रपति बनने वाले आरएसएस की पृष्ठभूमि के दूसरे नेता हैं। इससे पहले भाजपा के नेता भैरों सिंह शेखावत (1923-2010) इस पद के लिए 2002 में चुने गए थे। वह देश के 11वें उपराष्ट्रपति चुने गए। नायडू देश के 13वें उपराष्ट्रपति होंगे।

वेंकैया नायडू का जन्म 1 जुलाई, 1949 को आंध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले में हुआ। नेल्लोर से स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद वहीं से राजनीति में स्नातक किया। वहीं विशाखापट्टनम के लॉ कॉलेज से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून में डिग्री ली। कॉलेज के दौरान ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गए। नायडू पहली बार 1972 में जय आंध्रा आंदोलन से सुर्खियों में आए। 14 अप्रैल, 1971 को उषा से शादी की। उनके एक बेटा और एक बेटी है। बेटे का नाम हर्षवर्धन जबकि बेटी का नाम दीपा वेंकट है। इसके बाद 1975 में इमरजेंसी में जेल भी गए थे। 1977 से 1980 तक यूथ विंग के अध्यक्ष रहे। महज 29 साल की उम्र में 1978 में पहली बार विधायक बने। 1983 में भी विधानसभा पहुंचे और धीरे-धीरे राज्य में भाजपा के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे। भाजपा के विभिन्न पदों पर रहने के बाद नायडू पहली बार कर्नाटक से राज्यसभा के लिए 1998 में चुने गए। इसके बाद से ही 2004, 2010 और 2016 में वह राज्यसभा के सांसद बने। वहीं 1999 में एनडीए की जीत के बाद उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में ग्रामीण विकास मंत्रालय का प्रभार दिया गया। इसके बाद 2002 में वे पहली बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और दिसंबर 2002 तक अध्यक्ष रहे। जिसके बाद 2004 में वह दोबारा अध्यक्ष बने लेकिन एनडीए की हार के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। 2014 में भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें शहरी विकास मंत्रालय और सूचना एंव प्रसारण के अहम मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया। 98.21 फीसदी मतदान उल्लेखनीय है कि निर्वाचन आयोग के अनुसार कुल 98.21 फीसदी मतदान हुआ जिनमें 785 में से 771 सांसदों ने वोट डाला। इनमें केंद्रीय खेल राज्य मंत्री विजय गोयल समेत विपक्ष और एनडीए के कुल 14 सांसदों ने मतदान नहीं किया। जो 14 सांसद अनुपस्थित रहे उनमें भाजपा से पूर्व केंद्रीयमंत्री सांवर लाल जाट अस्पताल में भर्ती होने की वजह से नहीं जा सके। जबकि विजय गोयल के न जाने की वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है। वहीं कांग्रेस से पश्चिम बंगाल की सांसद मौसम नूर और रानी नारा (कांग्रेस), एनसीपी से उदयनराजे भोसले, पीएमके से अंबुमणि रामाडॉस से वोट करने नहीं पहुंचे हैं। वहीं, कुणाल कुमार घोष, तापस पॉल, प्रोतिमा मंडल और अभिषेक बनर्जी टीएमसी से हैं। पीके कुल्हालीकुट्टी और अब्दुल वहाब आईयूएमएल के सांसद हैं। अनु आगा और एन के सारनिया निर्दलीय सांसद वोट डालने नहीं पहुंचे। सदन में कुल 545 सीट हैं, जिनमें दो सीट रिक्त हैं। भाजपा के 281 और राजग के कुल मिलाकर 338 सदस्य हैं। बिहार के सासाराम से भाजपा सांसद छेदी पासवान अदालती फैसले के चलते वोट नहीं कर पायेंगे। वहीं राज्यसभा में कुल 245 सीटें हैं जिनमें दो रिक्त हैं। भाजपा ने कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए गत गुरुवार को राज्यसभा में 58 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी का स्थान हासिल कर लिया है। कांग्रेस के 57 सांसद हैं।

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