संवाददाता/सहारनपुर| वरिष्ठ समाजसेवी श्री सतपाल जी महाराज की प्रेरणा से मानव उत्थान सेवा समिति सहारनपुर द्वारा कचहरी परिसर में गांधी जयंती के उपलक्ष में सफाई अभियान किया गया| कल्याण आश्रम सहारनपुर प्रभारी महात्मा आराधना भाई जी ने बताया की मानव उत्थान सेवा समिति एक अध्यात्मिक और सामाजिक संस्था है|
श्री सतपाल जी महाराज संस्था पिछले कई दशकों से अध्यात्मिक प्रचार के साथ-साथ सामाजिक कार्य जैसे सफाई अभियान, वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर, निशुल्क वस्त्र वितरण, निशुल्क फल वितरण, निशुल्क पाठ्य-सामग्री, समाज की विभिन्न कुरीतियों को दूर करने के लिए जन जागरण पदयात्रा और आपदा के समय जरूरतमंद लोगों के लिए खाने के सामान, चिकित्सा सामग्री बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराती आ रही है| आज गांधी जयंती के उपलक्ष में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर व सदगुरुदेव श्री सतपाल जी महाराज के दिशा-निर्देशन में भारत के सभी शहरों में संस्था द्वारा सफाई अभियान का आयोजन किया जा रहा है|
इसी कड़ी में मानव उत्थान सेवा समिति सहारनपुर द्वारा दीवानी कचहरी सहारनपुर में सफाई अभियान का आयोजन किया गया जिसमें सभी भक्तों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया| महाराज का मानना है कि मानव के लिए बाहर की सफाई के साथ-साथ मन की सफाई की भी आवश्यकता है जो कि संतो के सानिध्य और सत्संग प्रवचन से ही संभव है|
दीवानी कचहरी के वरिष्ठ अधिवक्ता जय प्रकाश सैनी, अधिवक्ता उपदेश अग्रवाल ने बताया कि मानव उत्थान सेवा समिति समय-समय पर कचहरी परिसर में विभिन्न सामाजिक कार्य जैसे वृक्षारोपण, सफाई अभियान और शिक्षा अभियान आदि का आयोजन करती रहती है| आज संस्था ने गांधी जयंती के उपलक्ष में कचहरी के अंदर एक विशाल सफाई अभियान चलाया इसके लिए हम संस्था के सभी लोगों को साधु संतों को श्री महाराज जी को बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं और उम्मीद करते हैं कि संस्था इसी तरह के सामाजिक कार्य दीवानी कचहरी के अंदर करती रहेगी| सफाई अभियान में संस्था के लोगों के साथ साथ कचहरी से जुड़े बहुत से अधिकारी, अधिवक्ता व कर्मचारियों ने भी अपना सहयोग दिया|

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महात्मा राधिका बाई जी, महात्मा शांताबाई जी, शाखा प्रधान ईश्वर सिंह, शाखा सचिव त्रिलोक चंद गुप्ता, सुरेश सैनी, सोनू सैनी, सोनू चौधरी, राजकमल, विपिन सैनी, कुलदीप सेंगर, संजय, राजपाल कश्यप, कमलेश देवी, प्रीति सैनी, संयोगिता सैनी, वंशिका सैनी, प्रेमलता आदि ने श्रमदान कर विशेष योगदान दिया|
































