अग्रवाल धर्मशाला में श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूम-धाम से मनी-साध्वी दर्शनी बाई

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संवाददाता/टटीरी मण्डी, बागपत, 07 सित0। धार्मिक और समाजिक संस्था मानव उत्थान सेवा समिति की शाखा श्री हंस सत्संग भवन, रेलवे रोड अग्रवाल मण्डी, टटीरी में स्थित अग्रवाल धर्मशाला के प्रांगण में संगीतमय सात दिवसीय श्रीमद्भागवत आत्म-कथा महायज्ञ के चैथे दिन कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी ने भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के प्रसंग के दौरान भक्त समुदाय को समझाया कि कारागार में भगवान श्री कृष्ण ने जन्म लिया तब जेल के सभी दरवाजे खुल गये थे। जब-जब धर्म की हानि होती है, जब अधर्म बढ़ जाता है, तब-तब पृथ्वी पर भगवान का अवतार धर्म की स्थापना करने के लिए और अधर्म का नाश करने के लिए होता है। चारों ओर त्राहि-त्राहि होने लगती है, तब स्वयं भगवान नर रूप में आकर अनेक प्रकार की लीला करते है। भक्तों की रक्षा करके कंस जैसे दुष्ट प्रवृति के दानवों का संहार करते है। सभी ने बड़े हर्षोल्लास के साथ आज का का
आध्यात्मिक गुरू श्री सतपाल जी महाराज की परम शिष्या कथा व्यास साध्वी जी ने भक्तोें को समझाते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने अपनी बाल-लीलाओं द्वारा भक्तों को आनन्दीत किया और जन्म लेते ही समस्त जीवों को माया रूपी बन्धनों से मुक्त किया। भगवान श्री कृष्ण के बाल-रूप की सुन्दर झाँकियंा भी निकाली गयी। साध्वी जी ने कहा कि आज भक्त के लिए उसके जीवन का सबसे बड़ा पर्व है।
कथा में आज के यजमान राजू गोयल धर्मपत्नि श्रीमती क्षमा गोयल ने कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी और सहयोगी साध्वी द्वितीया बाई, साध्वी धनिष्ठा बाई जी, सेविका सरीता बहन व भजन गायक कलाकारों का फूल-माला और श्री राधे-कृष्ण के पट्टे पहनाकर स्वागत किया। यजमान का स्वागत संस्था के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने किया।
साथ ही दिल्ली व अनेक स्थानों से पधारें हुए भजन गायक कलाकार अमर रंगीला, दीपक कुमार, गिरिश तिवारी (कीबोर्डवादक), प्रकाश कुमार(तबलावादक)-बाजे-बाजे बधाई आज, नन्द बाबा के द्वार, पायो जी मैने नाम रतन धन पायो, बड़ी देर भई नन्दलाला, मैया मोरी मै नही माखन खायो, मेरे गुरू महाराज मेरी तकदीर को शमशीर बना दो, जैसे अनेक सुमधुर भजनों द्वारा सबको नाचने पर मजबूर कर दिया और सबने जमके ठुमके लगाये।
राजकुमार, शारदा गोयल, जयनारायण, भारती गोयल, संतोष देवी, चमनलाल, बबलू गोयल, मास्टर गजराज, संजीव शर्मा, अतुल गोयल, सुनील, अंकुर शर्मा, राजेश कुमार, मुकेश, अनिल गोयल, अजय गोयल, प्रमोद गोयल, दिनेश, श्रवण, चमन, संदीप गोयल, देवकुमार, रामकिशन, रूचि गोयल, कमला देवी, केशवती, आदि उपस्थित थे। मंच संचालन धुरन्धर चैहान ने किया।
माखन-मिश्री का भोग लगाया गया। आरती-प्रसाद के साथ आज के कथा का विश्राम किया गया।

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