सिक्किम में दो दिवसीय सद्भवना कार यात्रा

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हिम बहादुर सोनार/सिक्किम। मानव धर्म प्रचार प्रसार का स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में वर्ष भर चलने वाली आध्यात्मिक एवं सामाजिक चेतना मुलक विभिन्न कार्यक्रमों के अलावा मानव उत्थान सेवा समिति ने दो दिवसीय कार यात्रा दक्षिण सिक्किम  के राबंग्ला सेे शुरू किया गया था।

समिति के प्रचार प्रसार विभाग के सागर मोहरा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह यात्रा मानवधर्म के प्रणेता परमपूज्य सदगुरुदेव श्री सतपालजी महाराज जी के दिव्य आशीर्वाद के फलस्वरूप विभिन्न धर्मग्रंथो के आधारित सार तत्व आत्मज्ञान का प्रचार प्रसार का दार्जीलिंग पहाड़, तराई डुवर्स, सिक्किम तथा भूटान ५०वर्ष के सुअवसर पर आयोजन किया गया है।

यह वर्ष स्वर्ण जयंती वर्ष के रूप में आध्यात्मिक एवं सामाजिक चेतना मुलक विभिन्न कार्यक्रम के साथ पालन किया जा रहा है। आध्यात्मिक गुरु सदगुरुदेव श्री सतपालजी महाराज के दिशा निर्देशन में विभिन्न उद्देश्यों को लेकर समिति के संत-महात्मा, कार्यकर्तागण, प्रेमी भक्तगण आगे बढ़ रहे है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य राष्ट्र, राष्ट्रीयता, राष्ट्रीय भावनामुलक कर्तव्य परायणता प्रति सचेत रहना एवं एक राष्ट्र, एक ध्वज, एक आत्मा का सकारात्मक भावना पैदा करना है।

मानव जाति का आध्यात्मिक एवं भौतिक विकास में सहयोग देना, विभिन्न वर्ग, जाति, सभी धर्मो का व्यवहारिक ज्ञान का संपादन कर मानव मानव में सुसंबंध, सद्भावना के साथ नैतिकता का विकास करना, मानव जीवन धर्म का विकास, उत्थान एवं संरक्षण हेतु सम्पूर्ण धर्म ग्रंथ का सार तत्व आत्मज्ञान क्रियात्मक रूप में बोध करना प्रमुख है। आत्मज्ञान का ध्यान योग साधन द्वारा समाज में धार्मिक ह्रास, चारित्रिक पतन जैसे उच्छखलता का निराकरण कर धर्मप्रति आस्था पैदा करना , आर्थिक रूप से पीड़ित, अल्प सुविधा के साथ तथा शैक्षिक ज्ञान आर्जन का निम्ति व वंचित बाल बालिकाओ का शिक्षा अभियान जैसे महान अभियान मार्फत शिक्षा का अवसर में सहयोग प्रदान करना है।

इन्ही विचारों को ध्यान में रखते हुए दो दिवसीय सिक्किम राज्य स्तरीय सद्भावना कार यात्रा का 11 मई प्रथम दिन दक्षिण सिक्किम के राबंग्ला से शुभारंभ करते हुए रायोंग, दमथांग, नामची, भन्जयाङ, नाम्थाङ होते हुए रंगपो का खेल मैदान में भजन सत्संग पश्चात संध्या कैंडल लाइट के साथ विश्राम किया गया। इसी तरह अगला दिन जारी रखते हुए दूसरे दिन 12 मई को कार यात्रा रंगपो समिति आश्रम से शुरू होकर रोड़ेथांग, रिनाक विश्व विनायक मंदिर, रंगली बाजार, माछोङ, पाररवा और अंतिम में पकयोंग स्थित नवनिर्माणधिन आश्राम में समापन किया गया।

इस दौरान महात्मा ज्ञान बाईजी ने यात्रा में शामिल सभी सहभागिता, कार्यकर्ता,संत-महात्मागण, प्रेमी भक्तों एवं जिज्ञासुओं को बधाई दिया। उन्होंने बताया कि परमपूज्य जगतजननी राज राजेश्वरी माता जी का विशेष कृपा से इन क्षेत्रों में मानव धर्म का प्रचार प्रसार तीव्र गति से हो रहा है। अच्छा कार्य करने में कठीनाई आती है पर डटे रहना चाहिए। उत्तरपुर्वांचल क्षेत्र अध्यक्ष महात्मा अखिलेश बाईजी के साथ महात्मा ज्ञान बाईजी,सरला बाईजी,सरिल बाईजी,देविका बाईजी,मूकदा बाईजी,चंद्रकांति बाईजी,बिंद्रा बाईजी,सुमति बाईजी पुष्पवती बाईजी,कृतिका बाईजीयों ने कार यात्रा में शामिल लोगो को संबोधीत किया। कार यात्रा में 125 वाहनों ने हिस्सा लिया था। र्कायक्रम संचालन हाङजित लिम्बू तथा खेमराज थापा ने किया था। कार्यक्रम का धन्यबाद ज्ञापन चन्द्रकला गुरुंग ने की ।

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