
संवाददाता/शास्त्रीनगर,मेरठ : भारत की जानी-मानी संस्था मानव उत्थान सेवा समिति शाखा जागृति विहार द्वारा शांति पैलेस गुरुद्वारा रोड में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत आत्म-कथा महायज्ञ के पहले दिन कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी ने कथा महत्व समझाते हुए कहा कि कथा केवल सुनने का विषय नहीं है बल्कि आत्मा का विषय है|जिस प्रकार राजा परीक्षित ने मात्र सात दिन लगातार मन,कर्म और वचन से एकनिष्ठ होकर कथा का रसपान किया, उस सत्यानाम को जो सबको अमरत्व प्रदान करने वाला है और यमराज भी आज्ञा देने वाला है उसी परम शक्ति को अपने हृदय में जानकर उसका गुणगान सुना और सुनकर अपने हृदय में आत्मसात किया|
कथा के पहले दिन सुबह 10बजे से आस-पास के क्षेत्रो में बड़े धूम-धाम से कलश यात्रा निकली गयी| जिसमें सैकड़ो लोगों ने भाग लिया| यात्रा के दौरान संस्था के अनेक भक्तों ने गली-गली में जाकर नारे लगाये और उस परमात्मा के पावन नाम की चर्चा सुनने और जानने हेतु कथा आने के लिए भाव पूर्वक निमंत्रित किया|
कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई ने कथा के माध्यम से ज्ञान, भक्ति और वैराग्य के प्रसंग पर विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि उस परमात्मा के पावन नाम जानने के हम सभी अधिकारी है| बिना परमात्मा के पावन नाम को जाने विना जीव का कल्याण संभव नही है|
































