स्थिति बेकाबू,भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या 1024 हुई, 27 की मौत

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एजेंसी/नई दिल्ली| 25 मार्च स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को पिछले 24 घंटों के दौरान देश में कोरोना संक्रमण के 106 नये मामले सामने आने की पुष्टि करते हुये बताया कि इसके मरीजों कुल संख्या 1024 हो गयी है, जबकि अब तक इस वायरस के कारण 27 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान छह राज्यों में कोरोना से संक्रमित छह मरीजों की मौत हुयी है। छह नई मौतें दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और तेलंगाना में हुई हैं। महाराष्ट्र में अब तक छह लोगों की कोरोना वायरस से मौत हो चुकी है। गुजरात में चार, कर्नाटक में तीन, मध्यप्रदेश और दिल्ली में दो-दो मौतें जबकि केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु, बिहार, पश्चिम बंगाल, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। बंद का लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ने के बारे में अग्रवाल ने कहा कि सरकार इससे निपटने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सब लॉकडाउन में हैं और इन स्थितियों में व्यवहार संबंधी मुद्दे काफी महत्वपूर्ण हैं। यह एक नयी प्रक्रिया है।’’ अग्रवाल ने कहा, ‘‘अगर व्यवहार संबंधी कोई समस्या होती है, उस बारे में हम बेंगलुरु के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं अन्य संस्थानों के साथ मिलकर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।’’ इस दौरान 21 दिन के बंद के समय लोगों में मानसिक स्वास्थ्य और बर्ताव संबंधी मसलों के समाधान के लिये मानसिक स्वास्थ्य संबंधी संस्थान ‘निमहेंस’ ने हेल्पलाइन भी शुरु की है। हेल्पलाइन की सेवायें लेने के लिये टोलफ्री नंबर 08046110007 पर कॉल करके समस्याओं का समाधान प्राप्त किया जा सकता है। इस दौरान भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के डॉ. रमन आर. गंगाखेडकर ने बताया कि देश में रविवार तक कुल 34,931 लोगों का कोरोना वायरस से संक्रमण का परीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि आईसीएमआर की प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाकर 113 कर दी गयी है। इनके अलावा निजी क्षेत्र की 47 प्रयोगशालाओं से भी कोरोना के संक्रमण का परीक्षण कराया जा सकता है।

संवाददाता सम्मेलन में गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि कामगारों के पारिश्रमिक का भुगतान समय पर हो, इसके लिये सरकार की ओर से नियोक्ताओं को निर्देश दिये गये हैं कि बंद के दौरान काम बंद होने के बावजूद कामगारों को समय पर पूरा वेतन दिया जाये। इसके अलावा मकान मालिकों से भी किरायेदारों से इस अवधि का किराया नहीं लेने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि श्रमिकों से मकान मालिक घर खाली करने को न कहें। उन्होंने भारी तादाद में प्रवासी मजदूरों की घर वापसी की घटनाओं के हवाले से कहा कि वेतन भुगतान और कामगारों से घर खाली नहीं कराने के निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को सौंपी गयी है। इसके लिये ये अधिकारी निजी तौर पर जिम्मेदार होंगे। श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य सरकारों को भी राज्य की सीमायें सील करने के निर्देश दिये गये हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये 21 दिन तक देशव्यापी बंद की घोषणा की थी।

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