हिम बहादुर/सोनादा, दार्जिलिंग : नेपाली साहित्यकार हायमान दास राई किराँत के निधन पर मंगलवार को सोनादा डिग्री कॉलेज के नेपाली विभाग मे डा.रागिनी थापा की अध्यक्षता में एक शोक सभा हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मानवीय गुणों से भरा हायमान दास राई का कृति तथा कर्म अति महान् रहा है। इसी सिलसिले में प्रा.मेघनाथ छेत्री ने नेपाली साहित्य में उनका कृति तथा अमूल्य निधि रहा है। किराँत के कृति के ऊपर डा.रेमिका थापा ने पी.एच.डी.स्तर का शोध कर चुके है। डा.रागिनी थापा ने अपने भाषिक अध्ययन सम्बन्धी अपना पी.एच.डी. स्तर का शोध को क्रम में हायमान दास राई किराँत द्वारा किया गया सहयोग को स्मरण हुए विद्यार्थीयों को उनके कृति पर खोजकर पड़ने का आह्वान किया।
कॉलेज के डा. निर्मलचन्द्र रोय, इतिहास विभागका प्रमुख ने अपना वक्तव्य में कहा कि किरात ने अपने आप साधारण जीवन बिताने पर भी उच्च सोच का कार्य उन्होंने किया। ऐसे व्यक्ति का निधन केवल नेपाली साहित्य का न होकर मानव समाज का अपूरणीय क्षति है। प्रा. पार्थ सारथी दास, प्रा. इलोरा शर्मा सहित सभी विद्यार्थी सहभागी थे। इस अवसर पर हायमान दास राई किरात के तस्वीर में माल्यार्पण एवं दुइ मिनट का मौन धारण किया तथा श्रद्धाञ्जली अर्पण करते हुए शोक सन्तप्त परिवार में शोक सम्वेदना प्रकट किया। शोक प्रस्ताव प्रा. अनिल विश्वकर्मा ने पठन किया। शोकसभा प्रा.पर्वत रसाईली ने संचालन किया गया था।


































