प्रदीप चौहान/धौला कुआँ : 16 जुलाई, 40 साल के युवा बने दीपालय परिवार के लिए एक बड़ा दिन था। इस ख़ास अवसर को परिवार ने बहुत उत्साह और उल्लास से मनाया। वायु सेना के सभागार, सुब्रतो पार्क, धौला क़ुंआ में सामाजिक बदलाव में मील का पत्थर साबित हुए दीपालय की 40 साल की यात्रा को धूमधाम से मनाया गया। हजारों की संख्या में मौजूद स्टाफ, विद्यार्थी, स्पोंसर्स, डोनर्स, बोर्ड मेंबर्स और दीपालय समर्थक मौजूद रहे।
समारोह की अध्यक्षता जाने-माने नाटककार प्रो. श्री ओमचेरी एन एन पिल्लई ने किया। मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री श्री वी मुरलीधरन थे। सेवानिर्वित आई ए एस श्रीमती रेवा नय्यर, व अन्य सम्मानित अतिथि मौजूद रहे। कई न्यूज़ चैनल्स और अख़बारों के संवाददाता भी अपनी टीम के साथ कार्यक्रम के कवरेज के लिए मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुवात मिस एलिज़ाबेथ फिलिप के शास्त्र वाचन और मिस जिन्सी और मिस शालिनी के स्वागत सन्देश से किया गया। मुख्य अतिथियों के आगमन पर दीप प्रज्वलित करने के उपरांत श्री ए जे फिलिप (सेक्रेटरी एंड चीफ एग्जीक्यूटिव) के स्वागत भाषण, प्रोफेसर ओमचेरी एन एन पिलइ के भाषण और मुख्य अतिथि के व्याख्यान के द्वारा दीपालय के पिछले 40 वर्षों की यात्रा, चुनौतियों और उपलब्धियों को विस्तारपूर्वक बताया गया।
जिसमे ये बात निकल कर आई कि दिल्ली में काम कर रहे सात केरलवासी 1979 में 17500 रुपये के निवेश के साथ दीपालय शुरू करने के लिए आए थे। दीपालय की शुरुआत पांच छात्रों और एक शिक्षक के साथ की गई थी। पिछले चालीस वर्षों में, लगभग 3.5 लाख छात्रों ने दीपालय के स्कूलों में अध्ययन किया है। उन छात्रों का भारी बहुमत समाज के सबसे आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों से था। उनमें से ज्यादातर झुग्गियों या झुग्गी-बस्तियों में रहते थे। यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि अगर दीपालय नहीं होता, तो उनमें से कई स्कूल के अंदर नहीं दिखते। आज, वे सभी जीवन में अच्छा कर रहे हैं, उनमें से कुछ ही दीपालय में उच्च पदों पर आसीन हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एक तरफ गायन के क्षेत्र में प्रतिभावान विद्यार्थी और अध्यापकों ने सरस्वती वंदना गाकर सभा में मौजूद हजारों दर्शकों को मन मोह लिया तो दूसरी तरफ दीपालय परिवार के शिक्षक गायक हिमांशु तथा पूर्व विद्यार्थी व गायक विशाल गुप्ता और सुमित डोगरा ने अपनी गायकी से सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। इसी बिच सोवेनियर नामक किताब का वोमोचन किया गया। सामाजिक बदलाव को ध्यान में रखते हुए मलाला थीम के ऊपर स्किट और डांस, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ थीम पर आधारित नृत्य और जुर्म की और बढ़ते युवा नामक नाटक प्रस्तुति ने समाज को सन्देश दिया और सबका मन मोह कर जोरदार तालिया बटोरी।
सभा में मौजूद दर्शकों के लिए एक तरफ मुख्य आकर्षक रहे दीपालय स्पेशल यूनिट के शारीरिक चुनौतियों वाले स्पेशल बच्चे जिन्होंने समावेशी शिक्षा पर आधारित डांस प्रश्तुत किया। वही दूसरी तरफ वोकेशनल ट्रेनिंग के विद्यार्थियों के द्वारा प्रस्तुत फ्यूजन डांस की उम्दा कलाबाजियों ने दर्शकों को दांतो तले उंगलिया चबाने पर मजबूर कर दिया।
समाज में शैक्षिक बेहतरी के खास मकसद के लिए वित्तीय दानकर्ताओं के सम्मान के बाद श्री टी के मैथ्यू (फॉउन्डिंग मेंबर और पूर्व सेक्रेटरी एंड चीफ एग्जीक्यूटिव) की बायोग्राफी का विमोचन किया गया। और अंततः मुख्य क्रियाशील एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिस जसवंत कौर के वोट ऑफ़ थैंक्स के बाद इस भव्य उत्सव का समापन किया गया।
































