देहरादून/अंन्यू : उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सरकार तो बना ली लेकिन अब उन्हें नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि मंत्री पद न मिलने से कई विधायक नाराज हो गए हैं। पार्टी के कई नेता कांग्रेस के बागियों को मंत्री बनाए जाने पर भी नाराजगी जाहिर की। अब ये बागी नेता बिना मंत्रालय मिले ही विभागों के अधिकारियों की बैठक ले रहे हैं।
नाराज हुए भाजपा विधायक
गौरतलब है कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में जनता ने भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाया। पार्टी ने कुल 70 सीटों में से 57 सीटों पर जीत दर्ज की। यहां बता दें कि राज्य में मंत्री के सिर्फ 11 पद हैं जबकि दावेदार दर्जन से ज्यादा हैं। ऐसे में कई विधायक मंत्री पद न मिलने से नाराज हो गए हैं। इनमें पुराने नेता मुन्ना सिंह चैहान, बंशीधर भगत और हरीश धामी शामिल हैं। वहीं कांग्रेस के मुख्यमंत्री हरीश रावत को चुनाव में मात देने वाले राजेश शुक्ला और यतीश्वरानंद दोनों को उम्मीद थी कि उन्हें मंत्री पद जरूर मिलेगा लेकिन उनका नाम शामिल नहीं किया गया। भाजपा के विधायक कांग्रेस के 5 बागी नेताओं को (हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य, सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल और रेखा आर्य) को मंत्री बनाए जाने से भी खफा हैं। आपको बता दें कि अभी त्रिवेन्द्र रावत सरकार में मंत्री के 2 पद खाली हैं। ऐसे में सभी नेताओं ने मंत्री पद पाने के लिए अपना जोर लगाना शुरू कर दिया है |
































