मेरठ कैंट, 25 जूलाई। मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में वेस्ट एण्ड रोड, मंदिर मार्ग मेरठ कैंट में स्थित मानव धर्म मंदिर के प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत आत्म-कथा महायज्ञ के दूसरे दिन कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी ने भगवान की अवतार कथा का वर्णन करते हुए कहा कि पृथ्वी पर भगवान का अवतार किसी विशेष उदेश्य के लिए होता है, धर्म की स्थापना करने के लिए और अधर्म का नाश करने के लिए होता है। जब अधर्म बढ़ जाता है, चारों ओर त्राहि-त्राहि होने लगती है, तब स्वयं भगवान नर रूप में आकर अनेक प्रकार की लीला करते है। भक्तों की रक्षा करके दुष्ट प्रवृति के दानवों का संहार करते है।
मानव धर्म के प्रणेता और आध्यात्मिक गुरू श्री सतपाल जी महाराज की परम शिष्या कथा व्यास साध्वी जी ने उपस्थित भक्तों को समझाते हुए कहा कि हमारे धर्मशास्त्रों में प्रमाण है कि जिन भक्तों ने भगवान की भक्ति की और सत्य मार्ग पर चले उनका नाम अमर हो गया। आज हम उन्हीं भक्तों की पूजा करते है।
कथा में आज के यजमान ब्रह्मसिंह तोमर और धर्मपत्नि हरबीरी देवी ने साध्वी दर्शनी बाई जी और सहयोगी साध्वी धनिष्ठा बाई जी, सरीता बहन व भजन गायक कलाकारों का फूल-माला और श्री राधे-कृष्ण के पट्टे से स्वागत किया।
साथ ही दिल्ली व अनेक स्थानों से पधारें हुए भजन गायक कलाकार अमर रंगीला, सुरेन्द्र कुमार, रवि टिकेकर और पड़ोसी देश नेपाल से पधारी हुई प्रसिद्ध भजन गायिका सरगम गायत्री ने सतगुरू परमात्मा, हमको तो ले चल वहाँ, है हाथ तुम्हारे डोरी, मुझे जैसे चाहे रखना, कभी प्यासे को पानी पिलाया नही, बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा जैसे अनेक सुमधुर भजनों द्वारा सबको भाव विभोर कर दिया।
शाखा प्रधान देवेन्द्र सिंह, राजेश गोयल, लटूर चौहान, सतेन्द्र सिंह, नेपाल सिंह, भँवर सिंह, दिनेश, अरूण और अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे। मंच संचालन धुरन्धर चौहान ने किया। कथा दोपहर 2 से प्रारम्भ होकर सायं 5 बजे तक चला। आरती-प्रसाद के साथ आज के कथा का विश्राम किया गया।

































